अप्रैल 2026 में भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 75,109 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जो अप्रैल 2025 की 60,956 यूनिट के मुकाबले 23.07% अधिक है। यह वृद्धि हाल के वर्षों की सबसे तेज मासिक बढ़ोतरी में से एक मानी जा रही है। इस उछाल के पीछे ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और किसानों की खरीफ सीजन की तैयारियां प्रमुख कारण हैं। खेती के कामों में तेजी और समय पर मशीनरी की जरूरत ने ट्रैक्टरों की मांग को मजबूत किया है।
इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण देश के प्रमुख कृषि राज्यों में बढ़ती ग्रामीण मांग है। खरीफ सीजन से पहले किसान अपने खेतों की तैयारी में जुट जाते हैं, जिसके लिए ट्रैक्टर की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा बेहतर मानसून की उम्मीद और सरकारी योजनाओं का भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। यही वजह है, कि ट्रैक्टर कंपनियों को अप्रैल महीने में मजबूत ऑर्डर मिले।
महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर डिवीजन) ने बाजार में अपनी लीडरशिप कायम रखी। कंपनी ने अप्रैल 2026 में 16,894 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले साल की 14,049 यूनिट से 20.23% अधिक है। हालांकि, बाजार हिस्सेदारी 23.05% से घटकर 22.49% रह गई। इसका मतलब यह है कि कंपनी की बिक्री तो बढ़ी, लेकिन कुल बाजार उससे भी तेज गति से बढ़ा, जिससे हिस्सेदारी में हल्की गिरावट आई।
महिंद्रा समूह के ही स्वराज डिवीजन ने इस महीने और भी बेहतर प्रदर्शन किया। स्वराज ने 14,598 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 25.73% अधिक है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 19.04% से बढ़कर 19.44% हो गई। इस तरह महिंद्रा और स्वराज मिलकर कुल बाजार का 41% से ज्यादा हिस्सा नियंत्रित कर रहे हैं, जो समूह की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
सोनालिका ट्रैक्टर्स ने 34.53% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की और 10,472 यूनिट की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत की। इसकी बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 13.94% हो गई। वहीं एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने 34.83% की वृद्धि के साथ 8,580 यूनिट बेचीं। इसकी बाजार हिस्सेदारी 11.42% तक पहुंच गई। दोनों कंपनियां उद्योग औसत से तेज गति से बढ़ रही हैं और तीसरे-चौथे स्थान के लिए कड़ी टक्कर दे रही हैं।
टैफे लिमिटेड ने 23.25% की वृद्धि के साथ 8,437 यूनिट बेचीं और अपनी बाजार हिस्सेदारी 11.23% पर स्थिर रखी। इसी तरह आयशर ट्रैक्टर्स ने 22.93% की वृद्धि दर्ज की और 4,510 यूनिट की बिक्री की। इसकी बाजार हिस्सेदारी लगभग स्थिर रही। ये दोनों कंपनियां उद्योग की औसत गति के साथ बढ़ रही हैं, जिससे इनकी स्थिति मजबूत बनी हुई है लेकिन कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला।
जॉन डियर इंडिया ने इस महीने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया। कंपनी की बिक्री केवल 5.58% बढ़कर 5,287 यूनिट तक पहुंची। इसकी बाजार हिस्सेदारी 8.22% से घटकर 7.04% हो गई, जो सभी बड़े ब्रांडों में सबसे बड़ी गिरावट है। यह संकेत देता है कि प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी अपनी गति बनाए रखने में पीछे रह गई है।
न्यू हॉलैंड (सीएनएच इंडस्ट्रियल) ने सबसे ज्यादा 50.81% की वृद्धि दर्ज की और 3,864 यूनिट बेचीं। इसकी बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 5.14% हो गई। दूसरी ओर, छोटे और क्षेत्रीय ब्रांडों की बिक्री में 19.53% की गिरावट आई और उनकी हिस्सेदारी घटकर 3.28% रह गई। इससे साफ है कि किसान अब बेहतर सर्विस नेटवर्क और भरोसेमंद ब्रांड की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिससे छोटे खिलाड़ियों के लिए बाजार में टिकना मुश्किल होता जा रहा है।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही सोनालीका, जॉन डियर, स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।