हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खबर: इन कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50% तक अनुदान

By: Tractor Choice Published on: 21-Jul-2026
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कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई पहल

हरियाणा सरकार ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और फसल अवशेष प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े आधुनिक कृषि यंत्रों पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली और अन्य फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराना है, ताकि खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को कम किया जा सके। सरकार की इस पहल से किसानों को महंगी कृषि मशीनरी खरीदने में आर्थिक सहायता मिलेगी और खेती की लागत को कम करने में भी मदद मिल सकती है। पात्र किसान इस योजना के तहत 3 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

इन कृषि यंत्रों पर किसानों को मिलेगा अनुदान

योजना के तहत व्यक्तिगत श्रेणी के पात्र किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोगी विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। इनमें सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर, श्रेडर और मल्चर जैसे प्रमुख कृषि यंत्र शामिल हैं। इसके अलावा रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, स्ट्रॉ बेलर और रेक, क्रॉप रीपर तथा ट्रैक्टर माउंटेड लोडर और ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन जैसे उपकरणों को भी योजना में शामिल किया गया है।

इन मशीनों की मदद से किसान फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों का उचित तरीके से प्रबंधन कर सकते हैं। इससे पराली को जलाने की जरूरत कम होगी और खेत की मिट्टी तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों को समय और श्रम की बचत का लाभ भी मिल सकता है।

बेलर मशीन के लिए किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

सरकार ने बेलर मशीन का चयन करने वाले किसानों के लिए विशेष सुविधा का भी प्रावधान किया है। यदि किसी किसान का चयन स्ट्रॉ बेलर मशीन के लिए होता है, तो उसे इसके साथ रेक, स्ट्रॉ रेक अथवा श्रेडर मास्टर या रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान का लाभ मिल सकता है। इससे किसानों को फसल अवशेषों को एकत्र करने और उनका प्रबंधन करने के लिए आवश्यक मशीनरी का बेहतर संयोजन उपलब्ध हो सकेगा।

हालांकि, सामान्य स्थिति में व्यक्तिगत श्रेणी का किसान केवल एक मुख्य कृषि यंत्र के लिए आवेदन करने का पात्र होगा। इसलिए आवेदन करने से पहले किसान को अपनी जरूरत और खेत की स्थिति के अनुसार उपयुक्त कृषि यंत्र का चयन करना जरूरी है। विभाग की योजना का उद्देश्य किसानों को ऐसी मशीनरी उपलब्ध कराना है, जिससे फसल अवशेषों का प्रबंधन खेत स्तर पर ही प्रभावी ढंग से किया जा सके और पराली जलाने की समस्या पर रोक लगाने में मदद मिले।

आवेदन के लिए किसानों को पूरी करनी होंगी ये पात्रताएं

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक किसान का पंजीकरण 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर होना अनिवार्य है। आवेदन करते समय किसान को परिवार पहचान पत्र (PPP), आधार कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और ट्रैक्टर की वैध आरसी जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त आवेदक को शपथ पत्र देकर यह घोषणा करनी होगी कि वह अपने खेत में फसल अवशेष या पराली नहीं जलाएगा। किसान को यह भी प्रमाणित करना होगा कि पिछले तीन वर्षों में उसके परिवार के किसी सदस्य ने उसी कृषि यंत्र पर सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं लिया है। दस्तावेजों और पात्रता की सही जानकारी देना आवेदन प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण होगा।

आवेदन के बाद ऐसे होगा किसानों का चयन और दस्तावेज सत्यापन

कृषि विभाग ने योजना के तहत आवेदन से लेकर अनुदान प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी रखने की व्यवस्था की है। इच्छुक किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन किसानों का चयन होगा, उन्हें अपने आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिले के सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में सत्यापन के लिए जमा कराने होंगे।

विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र एवं चयनित किसानों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किया जाएगा। किसानों के लिए यह जरूरी होगा कि वे आवेदन करते समय सही जानकारी दर्ज करें और सभी आवश्यक दस्तावेज स्पष्ट एवं वैध रूप में उपलब्ध कराएं। दस्तावेज सत्यापन के बाद जारी होने वाला परमिट कृषि यंत्र की खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

परमिट मिलने के बाद अधिकृत डीलर से ही खरीदनी होगी मशीन

ऑनलाइन परमिट जारी होने के बाद चयनित किसान विभाग द्वारा अधिकृत निर्माता या डीलर से ही संबंधित कृषि यंत्र खरीद सकेंगे। मशीन की खरीद के बाद किसान को खरीद से जुड़े आवश्यक दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसमें कृषि यंत्र का खरीद बिल, ई-वे बिल और जीपीएस लोकेशन जैसी जानकारी शामिल होगी। विभाग की ओर से निर्धारित समय सीमा के अनुसार किसानों को यह पूरी प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 तक पूरी करनी होगी।

यदि किसान निर्धारित अवधि में मशीन खरीदने और जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसे अनुदान प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए परमिट मिलने के बाद किसानों को बिना देरी किए अधिकृत डीलर से मशीन खरीदकर सभी जरूरी दस्तावेज समय पर जमा करने की सलाह दी गई है।

किसानों और कृषि यंत्र निर्माताओं के लिए जरूरी सलाह

इस योजना में किसानों के साथ-साथ कृषि यंत्र निर्माताओं के लिए भी ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। निर्माता विभागीय पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि, जिन निर्माताओं का पंजीकरण वर्ष 2025-26 में पहले ही स्वीकृत हो चुका है और जिनकी टेस्ट रिपोर्ट अभी वैध है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इससे किसानों को अधिकृत निर्माताओं और डीलरों के माध्यम से समय पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

आवेदन की अंतिम तिथि

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि 3 अगस्त 2026 का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन पूरा करें। आवेदन केवल विभाग द्वारा अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। सही समय पर आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, परमिट प्राप्त करने और 7 सितंबर तक खरीद संबंधी दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करने पर पात्र किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिल सकेगा। यह योजना किसानों की आर्थिक मदद के साथ-साथ पराली प्रबंधन, मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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प्रश्नोत्तरी

प्रश्न: हरियाणा सरकार कृषि यंत्रों पर कितने प्रतिशत तक अनुदान दे रही है ?

उत्तर: हरियाणा सरकार RKVY 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्रों पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है।

प्रश्न: योजना के तहत किसान कब तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ?

उत्तर: पात्र किसान इस योजना के तहत 3 अगस्त 2026 तक विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न: बेलर मशीन का चयन होने पर किसान को क्या अतिरिक्त लाभ मिलेगा ?

उत्तर: बेलर मशीन के चयनित किसान रेक, स्ट्रॉ रेक या श्रेडर मास्टर और रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान ले सकते हैं।

प्रश्न: कृषि यंत्र खरीदने के बाद किसानों को कौन-कौन से दस्तावेज अपलोड करने होंगे ?

उत्तर: किसानों को खरीद बिल, ई-वे बिल और कृषि यंत्र की जीपीएस लोकेशन विभागीय पोर्टल पर निर्धारित समय में अपलोड करनी होगी।

प्रश्न: योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कौन सा पंजीकरण कराना अनिवार्य है ?

उत्तर: योजना का लाभ लेने के लिए किसान का 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है।