दिसंबर 2025 में भारतीय घरेलू ट्रैक्टर उद्योग ने मजबूत थोक बिक्री के साथ साल का समापन किया। इस दौरान कुल 69,890 ट्रैक्टर यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 50,986 यूनिट्स था। इस तरह सालाना आधार पर 37.08 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। ग्रामीण इलाकों में बेहतर मांग, अनुकूल कृषि परिस्थितियां और सरकार की लगातार नीतिगत सहायता ने ट्रैक्टर बाजार को मजबूती प्रदान की।
ब्रांड-वाइज आंकड़ों पर नजर डालें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा दिसंबर 2025 में भी बाजार की अगुआ बनी रही। कंपनी ने 30,210 ट्रैक्टर बेचकर 43.23 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल किया। वहीं जॉन डियर इस महीने सबसे तेज बढ़ने वाला ब्रांड रहा, जिसकी बिक्री में 69.26 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई और बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 12.57 प्रतिशत हो गई। यह दर्शाता है कि किसान अब वैकल्पिक ब्रांड्स की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं।
TAFE ग्रुप ने 11,033 यूनिट्स की बिक्री के साथ 33.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, हालांकि इसका मार्केट शेयर थोड़ा घटा। सोनालिका और एस्कॉर्ट्स कुबोटा (फार्मट्रैक व पावरट्रैक) ने भी अच्छी बिक्री दर्ज की, लेकिन कुल उद्योग वृद्धि के मुकाबले इनके बाजार हिस्से में हल्की गिरावट देखने को मिली। यह संकेत देता है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ बाजार का विस्तार सभी ब्रांड्स में समान रूप से नहीं बंट रहा।
छोटे और मिड-सेगमेंट ब्रांड्स में VST और कैप्टन ट्रैक्टर्स ने मजबूत प्रदर्शन किया। VST ने 59.15 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई, जबकि कैप्टन ट्रैक्टर्स ने 46.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। प्रीत, इंडो फार्म और न्यू हॉलैंड की बिक्री में भी वृद्धि हुई, लेकिन उनके मार्केट शेयर में दबाव बना रहा।
दिसंबर 2025 में ACE ट्रैक्टर्स ऐसा एकमात्र ब्रांड रहा, जिसकी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी की बिक्री 18.26 प्रतिशत घटी और इसका बाजार हिस्सा भी कम हुआ, जो प्रतिस्पर्धी माहौल में ब्रांड के लिए चुनौती का संकेत है।
कुल घरेलू ट्रैक्टर उद्योग के आंकड़े यह साफ दर्शाते हैं कि दिसंबर 2025 में बाजार ने व्यापक और मजबूत वृद्धि दर्ज की। जहां महिंद्रा, जॉन डियर, VST और कैप्टन जैसे ब्रांड्स ने अपनी स्थिति मजबूत की, वहीं कुछ कंपनियों को बिक्री बढ़ने के बावजूद मार्केट शेयर के मोर्चे पर चुनौती झेलनी पड़ी। यह रुझान बताता है कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार अब तेजी से प्रतिस्पर्धी और विविध होता जा रहा है।