फरीदाबाद, 1 जुलाई 2026: भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल Escorts Kubota Limited (EKL) ने जून 2026 के लिए अपने एग्री मशीनरी बिजनेस के ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी ने जून 2026 के दौरान कुल 13,695 ट्रैक्टर बेचे, जबकि जून 2025 में यह संख्या 11,498 ट्रैक्टर थी। इस प्रकार कंपनी ने सालाना आधार पर 19.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टरों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और कंपनी का बाजार में प्रभाव भी बढ़ रहा है। बेहतर डीलर नेटवर्क, उत्पादों की विश्वसनीयता तथा किसानों के बीच बढ़ते विश्वास ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंपनी का मानना है कि आने वाले महीनों में भी कृषि गतिविधियों के बढ़ने के साथ मांग में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है।
जून 2026 में Escorts Kubota की घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 13,172 यूनिट रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 10,997 ट्रैक्टर बेचे थे। इस प्रकार घरेलू बिक्री में 19.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार यह वृद्धि थोक (Wholesale) और खुदरा (Retail) दोनों बाजारों में मजबूत प्रदर्शन के कारण संभव हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मशीनरी की मांग में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। किसानों द्वारा खेती की तैयारी, सरकारी योजनाओं का समर्थन तथा वित्तीय संस्थानों से ऋण उपलब्धता ने भी ट्रैक्टर बिक्री को गति दी है। इसके अलावा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति भी ट्रैक्टरों की मांग बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।
कंपनी ने बताया कि देश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है। हालांकि इस वर्ष मानसून की शुरुआत सामान्य से कुछ देर से हुई है, जिससे कुछ राज्यों में बुवाई की गति प्रभावित हुई है। इसके बावजूद जलाशयों में उपलब्ध पर्याप्त जल ने कृषि गतिविधियों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों का मनोबल फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। यदि आने वाले सप्ताहों में मानसून सामान्य रहता है तो कृषि कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जिससे ट्रैक्टरों की मांग को और बल मिल सकता है। कंपनी का मानना है कि मानसून की स्थिति आगामी महीनों के कारोबार के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक रहेगी।
एस्कॉर्टस कुबोटा ने अपने बयान में यह भी कहा कि वर्तमान में एल-नीनो (El Niño) की संभावित परिस्थितियां और मानसून की कमी भविष्य के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है तो खरीफ की बुवाई और कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा खेती में उपयोग होने वाले उर्वरक, डीजल, श्रम और अन्य इनपुट लागत में वृद्धि भी किसानों के खर्च को बढ़ा रही है।
इन परिस्थितियों के कारण आने वाली तिमाहियों में ट्रैक्टर बाजार की वृद्धि की गति कुछ धीमी हो सकती है। फिर भी कंपनी का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत है और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक मांग बनी रहेगी।
घरेलू बाजार के साथ-साथ कंपनी के निर्यात कारोबार में भी वृद्धि दर्ज की गई। जून 2026 के दौरान कंपनी ने 523 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि जून 2025 में यह संख्या 501 ट्रैक्टर थी। इस प्रकार निर्यात बिक्री में 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
हालांकि घरेलू बाजार की तुलना में यह वृद्धि सीमित रही, लेकिन वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा और विभिन्न देशों की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कंपनी लगातार नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने तथा उत्पाद पोर्टफोलियो को विस्तार देने की दिशा में कार्य कर रही है। इससे भविष्य में निर्यात कारोबार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के दौरान कंपनी का कुल प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा। इस अवधि में घरेलू बाजार में 35,457 ट्रैक्टर बेचे गए, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 28,848 थी। यानी घरेलू बिक्री में 22.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कुल ट्रैक्टर बिक्री 36,862 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की 30,581 यूनिट की तुलना में 20.5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि निर्यात बिक्री पहली तिमाही में 1,405 ट्रैक्टर रही, जो पिछले वर्ष के 1,733 ट्रैक्टर की तुलना में 18.9 प्रतिशत कम रही। इसके बावजूद घरेलू बाजार की मजबूत मांग ने कुल बिक्री वृद्धि को सकारात्मक बनाए रखा।
कंपनी का कहना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था फिलहाल स्थिर बनी हुई है। कृषि गतिविधियों में निरंतर सुधार, किसानों की आय बढ़ाने वाली सरकारी योजनाएं, कृषि ऋण की उपलब्धता और कृषि मशीनीकरण की बढ़ती आवश्यकता भविष्य में ट्रैक्टर उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी महीनों में कारोबार की दिशा काफी हद तक मानसून की प्रगति, खरीफ फसलों की बुवाई की गति और कृषि लागत पर निर्भर करेगी।
यदि मौसम सामान्य रहता है तो ट्रैक्टर उद्योग में मांग मजबूत बनी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत में कृषि मशीनीकरण का स्तर अभी भी विकसित देशों की तुलना में कम है, इसलिए इस क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
Escorts Kubota Limited भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक है, जिसे विनिर्माण क्षेत्र में लगभग आठ दशकों का अनुभव प्राप्त है। कंपनी का उद्देश्य "Spreading Prosperity & Impacting Lives" के विजन के साथ कृषि मशीनीकरण और निर्माण उपकरण क्षेत्र में आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना है। कंपनी का व्यवसाय मुख्य रूप से Agri Machinery Business Division और Construction Equipment Business Division के माध्यम से संचालित होता है।
EKL लगातार नवाचार, उन्नत इंजीनियरिंग, लागत दक्षता और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का मानना है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत वितरण नेटवर्क और किसानों के साथ दीर्घकालिक संबंध भविष्य में उसके विकास की सबसे बड़ी ताकत बने रहेंगे।
जून 2026 के बिक्री आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि कंपनी भारतीय कृषि क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने व्यवसाय का सफलतापूर्वक विस्तार कर रही है और आने वाले वर्षों में भी विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने के लिए तैयार है।
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