फाड़ा सेल्स रिपोर्ट जून 2026: ट्रैक्टर बिक्री ने पकड़ी रफ्तार 25.27% की भारी वृद्धि

By: Tractor Choice Published on: 06-Jul-2026
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जून 2026 में ट्रैक्टर उद्योग ने दर्ज की शानदार बढ़त

भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए जून 2026 का महीना काफी उत्साहजनक रहा। घरेलू बाजार में ट्रैक्टरों की कुल बिक्री 1,00,818 यूनिट रही, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 80,456 यूनिट था। यानी इस वर्ष ट्रैक्टर बिक्री में करीब 25 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली।

अच्छी मानसून की उम्मीद, खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी, किसानों की बढ़ती आय और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई। ट्रैक्टर कंपनियों ने भी नई तकनीक और बेहतर फीचर्स वाले मॉडल बाजार में उतारकर किसानों का भरोसा मजबूत किया है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा बनी देश की नंबर-1 ट्रैक्टर कंपनी

जून 2026 में महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर डिवीजन) ने सबसे अधिक 24,327 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 24.13 प्रतिशत रही, जबकि जून 2025 में यह 21.77 प्रतिशत थी। पिछले वर्ष कंपनी ने 17,518 ट्रैक्टर बेचे थे।

इस तरह महिंद्रा ने बिक्री और बाजार हिस्सेदारी दोनों में शानदार बढ़त हासिल की। ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत नेटवर्क, भरोसेमंद इंजन, बेहतर माइलेज और किसानों की पसंद के अनुरूप मॉडल कंपनी की सफलता के प्रमुख कारण रहे।

स्वराज डिवीजन ने भी शानदार प्रदर्शन किया

महिंद्रा समूह का स्वराज डिवीजन भी लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। जून 2026 में स्वराज ने 18,860 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 14,292 यूनिट था। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 18.71 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष 17.76 प्रतिशत थी। 

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में स्वराज ट्रैक्टरों की मजबूत पकड़ बनी हुई है। किसानों के बीच इसकी टिकाऊ गुणवत्ता और कम रखरखाव लागत इसे लोकप्रिय बनाती है।

इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड ने बनाए रखी मजबूत स्थिति

सोनालिका ब्रांड की निर्माता इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड ने जून 2026 में 13,184 ट्रैक्टर बेचे। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 13.08 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष यह 12.97 प्रतिशत थी। जून 2025 में कंपनी ने 10,432 ट्रैक्टरों की बिक्री की थी। 

घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात में मजबूत पकड़ और लगातार नए मॉडलों की लॉन्चिंग ने कंपनी की बिक्री को गति दी है। किसानों के बीच इसकी आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रदर्शन वाले ट्रैक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

टाफे ने बनाए रखा चौथा स्थान

ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (TAFE) ने जून 2026 में 12,069 ट्रैक्टर बेचे। हालांकि कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 11.97 प्रतिशत रही, जो जून 2025 के 12.20 प्रतिशत से थोड़ी कम है। पिछले वर्ष कंपनी ने 9,816 ट्रैक्टरों की बिक्री की थी।

बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद अन्य कंपनियों की तुलना में तेजी कम रहने से बाजार हिस्सेदारी में मामूली गिरावट दर्ज की गई। फिर भी मैसी फर्ग्यूसन और आइशर जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के कारण कंपनी किसानों के बीच मजबूत पहचान बनाए हुए है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने जारी रखा स्थिर प्रदर्शन

एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के एग्री मशीनरी ग्रुप ने जून 2026 में 10,371 ट्रैक्टरों की बिक्री की। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 10.29 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष यह 10.50 प्रतिशत थी। जून 2025 में कंपनी ने 8,449 ट्रैक्टर बेचे थे। 

बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद कुल बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण हिस्सेदारी में हल्की कमी आई। कंपनी आधुनिक तकनीक, मजबूत इंजन और प्रीमियम गुणवत्ता वाले ट्रैक्टरों के दम पर अपनी स्थिति बनाए हुए है।

जॉन डियर और आइशर ने दर्ज की अच्छी वृद्धि

जॉन डियर इंडिया ने जून 2026 में 7,165 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि जून 2025 में यह 6,178 यूनिट थी। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 7.11 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 7.68 प्रतिशत थी। दूसरी ओर आइशर ट्रैक्टर्स ने 6,219 ट्रैक्टर बेचे, जबकि पिछले वर्ष 4,860 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी।

आइशर की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 6.17 प्रतिशत हो गई, जो जून 2025 में 6.04 प्रतिशत थी। दोनों कंपनियां मध्यम और छोटे किसानों के लिए भरोसेमंद विकल्प के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।

सीएनएच इंडस्ट्रियल ने बढ़ाई बाजार हिस्सेदारी

सीएनएच इंडस्ट्रियल (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ने जून 2026 में 4,667 ट्रैक्टरों की बिक्री की। पिछले वर्ष जून में कंपनी ने 3,468 ट्रैक्टर बेचे थे। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 4.63 प्रतिशत रही, जो जून 2025 के 4.31 प्रतिशत से अधिक है। 

न्यू हॉलैंड जैसे लोकप्रिय ब्रांड के दम पर कंपनी लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर ईंधन दक्षता वाले ट्रैक्टर किसानों को आकर्षित कर रहे हैं।

अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी में आई गिरावट

अन्य सभी ट्रैक्टर कंपनियों की संयुक्त बिक्री जून 2026 में 3,956 यूनिट रही, जबकि जून 2025 में यह 5,443 यूनिट थी। इन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी घटकर 3.92 प्रतिशत रह गई, जो पिछले वर्ष 6.77 प्रतिशत थी।

इससे स्पष्ट है कि बाजार धीरे-धीरे बड़ी और स्थापित कंपनियों के पक्ष में केंद्रित होता जा रहा है। मजबूत डीलर नेटवर्क, बेहतर आफ्टर सेल्स सर्विस और आधुनिक तकनीक के कारण प्रमुख कंपनियां छोटे ब्रांडों पर बढ़त बना रही हैं।

कृषि यंत्रीकरण से आगे भी तेजी बनी रह सकती है

जून 2026 के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ट्रैक्टर उद्योग लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। यदि मानसून सामान्य रहता है, खरीफ और रबी दोनों सीजन में अच्छी खेती होती है तथा सरकार कृषि यंत्रीकरण, सब्सिडी और किसान सहायता योजनाओं को जारी रखती है, तो आने वाले महीनों में ट्रैक्टर बिक्री में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।

महिंद्रा समूह फिलहाल बाजार का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है, जबकि इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स, टाफे, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, जॉन डियर, आइशर और सीएनएच जैसी कंपनियां भी प्रतिस्पर्धा को लगातार मजबूत बना रही हैं। कुल मिलाकर जून 2026 के आंकड़े भारतीय कृषि क्षेत्र में बढ़ते मशीनीकरण और किसानों के बढ़ते निवेश का सकारात्मक संकेत देते हैं।

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