फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने जुलाई 2026 के खुदरा ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें भारतीय ट्रैक्टर बाजार की मजबूत स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2026 में देशभर में कुल 1,17,349 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री हुई, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 91,604 यूनिट था।
इस प्रकार साल-दर-साल आधार पर ट्रैक्टर बिक्री में 28.13 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि बताती है कि कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टरों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
एफएडीए की रिपोर्ट के अनुसार ट्रैक्टर बिक्री में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण खरीफ सीजन के दौरान कृषि गतिविधियों में तेजी और किसानों की बेहतर खरीद क्षमता रही। समय पर मानसून, खेती के बढ़ते रकबे और कृषि मशीनरी की आवश्यकता ने ट्रैक्टर बाजार को मजबूती दी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक उपभोक्ता भावना और खेती में मशीनीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण अधिकांश कंपनियों की खुदरा बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि सभी कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी समान रूप से नहीं बढ़ी और कई ब्रांडों की हिस्सेदारी बिक्री बढ़ने के बावजूद घट गई।
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के ट्रैक्टर डिवीजन ने जुलाई 2026 में भी अपनी नंबर-1 स्थिति बरकरार रखी। कंपनी ने इस दौरान 26,863 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री की, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 20,617 यूनिट था।
कंपनी की बिक्री में 30.31 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही महिंद्रा की बाजार हिस्सेदारी भी 22.51 प्रतिशत से बढ़कर 22.89 प्रतिशत हो गई। यह दर्शाता है कि कंपनी ने बिक्री के साथ-साथ बाजार में अपनी पकड़ भी मजबूत की है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के स्वराज डिवीजन ने जुलाई 2026 में 22,334 ट्रैक्टर बेचकर दूसरा स्थान बनाए रखा। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 16,733 यूनिट की बिक्री की थी। इस तरह स्वराज की बिक्री में 33.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
बाजार हिस्सेदारी भी 18.27 प्रतिशत से बढ़कर 19.03 प्रतिशत हो गई, जो 0.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। इससे स्पष्ट है कि स्वराज ब्रांड की ग्रामीण बाजारों में मजबूत स्वीकार्यता बनी हुई है।
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड (सोनालिका) ने जुलाई 2026 में 15,991 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री की, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 12,824 यूनिट था। कंपनी की बिक्री में 24.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन बाजार हिस्सेदारी 14.00 प्रतिशत से घटकर 13.63 प्रतिशत रह गई। यानी बिक्री बढ़ने के बावजूद प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तेज वृद्धि के कारण सोनालिका की हिस्सेदारी में 0.37 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
TAFE लिमिटेड ने जुलाई 2026 में 14,178 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने कंपनी ने 9,655 यूनिट बेची थीं। कंपनी ने 46.83 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जो प्रमुख ट्रैक्टर निर्माताओं में सबसे अधिक रही। इसके साथ ही TAFE की बाजार हिस्सेदारी 10.54 प्रतिशत से बढ़कर 12.08 प्रतिशत हो गई। 1.54 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि कंपनी ने बाजार में अपनी स्थिति उल्लेखनीय रूप से मजबूत की है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के कृषि मशीनरी समूह ने जुलाई 2026 में 12,782 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 9,202 यूनिट बेची थीं। इस प्रकार बिक्री में 39.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी 10.05 प्रतिशत से बढ़कर 10.89 प्रतिशत हो गई। 0.84 प्रतिशत की हिस्सेदारी वृद्धि बताती है कि एस्कॉर्ट्स कुबोटा लगातार अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है।
जॉन डीरे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जुलाई 2026 में 8,087 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री की, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 6,986 यूनिट थी। कंपनी की बिक्री में 15.73 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन इसकी बाजार हिस्सेदारी 7.63 प्रतिशत से घटकर 6.89 प्रतिशत रह गई। यानी कुल बाजार तेजी से बढ़ने के कारण जॉन डीरे की हिस्सेदारी में 0.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
आइशर ट्रैक्टर्स ने जुलाई 2026 में 7,910 यूनिट की खुदरा बिक्री दर्ज की, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने कंपनी ने 6,321 ट्रैक्टर बेचे थे। कंपनी की बिक्री में 25.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि बाजार हिस्सेदारी 6.90 प्रतिशत से घटकर 6.74 प्रतिशत रह गई। यह संकेत देता है कि कंपनी की बिक्री बढ़ी, लेकिन प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में उसकी वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही।
सीएनएच इंडस्ट्रियल (न्यू हॉलैंड इंडिया) ने जुलाई 2026 में 5,417 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री की, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 3,932 यूनिट था। कंपनी ने 37.79 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की। इसके परिणामस्वरूप उसकी बाजार हिस्सेदारी 4.29 प्रतिशत से बढ़कर 4.62 प्रतिशत हो गई। इससे स्पष्ट है कि न्यू हॉलैंड ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत की है।
एफएडीए रिपोर्ट के अनुसार 'अन्य' श्रेणी में शामिल ट्रैक्टर ब्रांडों की बिक्री जुलाई 2026 में घटकर 3,787 यूनिट रह गई, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 5,334 यूनिट था। इस श्रेणी में 29.01 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार हिस्सेदारी भी 5.82 प्रतिशत से घटकर 3.23 प्रतिशत रह गई। इससे स्पष्ट है कि बड़े और स्थापित ट्रैक्टर ब्रांडों ने बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत की है।
कुल मिलाकर जुलाई 2026 भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए बेहद सकारात्मक महीना साबित हुआ। कुल खुदरा बिक्री 1,17,349 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की 91,604 यूनिट की तुलना में 28.13 प्रतिशत अधिक है। अधिकांश प्रमुख कंपनियों ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की, जबकि कुछ कंपनियों ने अपनी बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ाई। कृषि क्षेत्र में लगातार निवेश, खेती का बढ़ता मशीनीकरण, बेहतर मानसून और ग्रामीण बाजारों में मजबूत मांग आने वाले महीनों में भी ट्रैक्टर उद्योग की वृद्धि को गति दे सकती है। एफएडीए के आंकड़े संकेत देते हैं कि भारतीय कृषि मशीनरी बाजार भविष्य में भी मजबूत प्रदर्शन कर सकता है और प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता इस बढ़ती मांग का लाभ उठाने की स्थिति में हैं।
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