MSP पर खरीद बढ़ी: चना-मसूर के लिए ₹3,174 करोड़ का पैकेज

By: Tractor Choice Published on: 15-Apr-2026
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किसानों के लिए राहत की नई पहल

मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में मोहन यादव की अध्यक्षता में किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चना और मसूर उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना है। यह पहल विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जो दलहन की खेती पर निर्भर हैं और अक्सर कीमतों में गिरावट से प्रभावित होते हैं।

तीन वर्षों के लिए बड़ी बजटीय मंजूरी

राज्य सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 से 2028-29 तक के लिए कुल 3,174 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह दीर्घकालिक योजना किसानों को स्थिरता और भरोसा देने के उद्देश्य से बनाई गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आने वाले वर्षों में किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े और उन्हें लगातार समर्थन मिलता रहे।

MSP के तहत खरीद से सुरक्षा

सरकार ने चना और मसूर की खरीद Minimum Support Price (MSP) के तहत करने का निर्णय लिया है। MSP किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है, जिससे वे अपनी फसल को न्यूनतम तय मूल्य से कम पर बेचने के लिए मजबूर नहीं होते। यह व्यवस्था विशेष रूप से तब लाभकारी होती है जब बाजार में कीमतें गिर जाती हैं।

मंडी शुल्क में छूट का लाभ

इस योजना के तहत किसानों को मंडी शुल्क में छूट देने का भी निर्णय लिया गया है। आमतौर पर मंडियों में उपज बेचते समय किसानों को विभिन्न प्रकार के शुल्क देने पड़ते हैं, जिससे उनकी आय कम हो जाती है। अब इस छूट के कारण उनकी लागत घटेगी और उन्हें अपनी उपज का अधिक लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी

चना और मसूर की खरीद की जिम्मेदारी Madhya Pradesh State Cooperative Marketing Federation को सौंपी गई है। यह संस्था सीधे किसानों से खरीद सुनिश्चित करेगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। योजना के अनुसार, चना के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर की 100 प्रतिशत तक खरीद की जाएगी।

कार्यशील पूंजी की मजबूत व्यवस्था

योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने वित्तीय व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। अनुमानित 7,050 करोड़ रुपये की लागत में से 15 प्रतिशत के बराबर राशि की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत हर वर्ष 1,058 करोड़ रुपये की शासकीय गारंटी या अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके और किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।

किसानों को बहुआयामी लाभ

इस फैसले से किसानों को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा। उन्हें MSP पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा, मंडी शुल्क में छूट से अतिरिक्त आय होगी और बाजार जोखिम कम होगा। इससे किसान दलहन की खेती के लिए अधिक प्रेरित होंगे, जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।

अन्य विकास योजनाओं को भी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में कृषि के अलावा अन्य क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने कुल 16,720 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास शामिल हैं। उज्जैन में हवाई पट्टी विस्तार, वन संरक्षण, और छात्रों के लिए योजनाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रही है।

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प्रश्नोत्तरी

प्रश्न: एमपी सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 से 2028-29 तक के लिए कुल कितनी राशि स्वीकृत की है ?

उत्तर: राज्य सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 से 2028-29 तक के लिए कुल 3,174 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

प्रश्न: चना और मसूर की खरीद की जिम्मेदारी  किसको सौंपी गई है ?

उत्तर: चना और मसूर की खरीद की जिम्मेदारी Madhya Pradesh State Cooperative Marketing Federation को सौंपी गई है।

प्रश्न: योजना के अंतर्गत चना और मसूर की कितने फीसद खरीद की जाएगी ?

उत्तर: योजना के अनुसार, चना के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर की 100 प्रतिशत तक खरीद की जाएगी।

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