लाडकी बहिन योजना में बड़ा बदलाव, लाखों महिलाओं के नाम सूची से बाहर

By: Tractor choice Published on: 11-May-2026
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लाडकी बहिन योजना को लेकर नया अपडेट 

महाराष्ट्र सरकार की चर्चित लाडकी बहिन योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हाल ही में हुए व्यापक सत्यापन अभियान के बाद सरकार ने लाखों महिलाओं को योजना से अपात्र घोषित कर दिया है। बताया जा रहा है कि ई-केवाईसी, दस्तावेज सत्यापन और पात्रता जांच के बाद करीब 65 से 68 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इस फैसले के बाद योजना की अगली किस्त भी प्रभावित हुई है और कई महिलाओं के खाते में अब तक भुगतान नहीं पहुंचा है। राज्यभर में अब लाभार्थी महिलाएं अपना नाम सूची में खोज रही हैं ताकि यह पता चल सके कि वे अभी भी योजना का हिस्सा हैं या नहीं।

शुरुआत में रिकॉर्ड संख्या में हुए थे आवेदन

जब यह योजना शुरू की गई थी, तब इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल माना गया था। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि देने का वादा किया गया। शुरुआत में करीब 2.46 करोड़ महिलाओं ने इसके लिए आवेदन किया था और बड़ी संख्या में महिलाओं को नियमित लाभ भी मिलने लगा था। कम समय में यह योजना राज्य की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल हो गई। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं ने इस योजना को आर्थिक सहारे के रूप में देखा और लाखों परिवारों को इससे राहत मिली।

सत्यापन के बाद घट गई लाभार्थियों की संख्या

हालिया जांच प्रक्रिया के बाद योजना से जुड़ी महिलाओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार अब पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर लगभग 1.81 करोड़ रह गई है। इसका मतलब है कि करोड़ों आवेदन में से लाखों महिलाएं पात्रता शर्तों पर खरी नहीं उतर सकीं। प्रशासन का कहना है कि केवल उन्हीं महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा जो तय मानकों को पूरा करती हैं। इसी वजह से रिकॉर्ड की दोबारा जांच, दस्तावेजों की पुष्टि और ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया गया।

चुनाव से पहले लॉन्च हुई थी महत्वाकांक्षी योजना

वर्ष 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। सरकार ने दावा किया था कि योजना से गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा। चुनावी माहौल में इस योजना को काफी लोकप्रियता मिली और बड़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन किया। कई राजनीतिक विश्लेषकों ने भी इसे राज्य की सबसे प्रभावशाली योजनाओं में से एक बताया था। योजना के जरिए महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि भेजी जाने लगी, जिससे पारदर्शिता भी बनी रही।

ई-केवाईसी और दस्तावेज जांच बनी मुख्य वजह

सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई अपात्र लोग भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। महिलाओं से ई-केवाईसी अपडेट कराने, आधार लिंक कराने और जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा गया। नवंबर 2025 से लेकर अप्रैल 2026 तक कई बार अंतिम तारीख बढ़ाई गई ताकि सभी लाभार्थियों को मौका मिल सके। लेकिन जिन महिलाओं ने समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनके नाम सूची से हटा दिए गए। इसके अलावा आय सीमा, सरकारी नौकरी और अन्य पात्रता शर्तों की जांच में भी बड़ी संख्या में आवेदन अपात्र पाए गए।

योजना के बजट में भी आई कटौती

शुरुआत में सरकार ने इस योजना के लिए करीब 45 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक बजट का अनुमान लगाया था। लेकिन बाद में खर्च कम करने के लिए बजट में कटौती की गई। वर्ष 2025 में योजना का बजट घटाकर लगभग 36 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया। वहीं 2026 के बजट में भी राशि कम किए जाने की चर्चाएं सामने आईं। माना जा रहा है कि लाभार्थियों की संख्या घटने और फर्जी मामलों पर रोक लगाने के कारण सरकार ने वित्तीय बोझ कम करने का फैसला लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार योजना को और अधिक सख्त नियमों के साथ लागू कर सकती है।

अपात्र लाभार्थियों से हो सकती है वसूली

सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन महिलाओं को अपात्र पाए जाने के बावजूद पहले किस्त का लाभ मिल चुका है, उनसे राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी लाभार्थी ने गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लिया है, तो उससे भुगतान की रिकवरी की जा सकती है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया जाएगा। इस खबर के बाद कई महिलाओं में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि जिन लोगों ने दस्तावेज सही तरीके से जमा नहीं किए या पात्रता छिपाई, उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अगली किस्त के लिए जल्द चेक करें अपना स्टेटस

सत्यापन प्रक्रिया के कारण मार्च और अप्रैल महीने की किस्त अब तक जारी नहीं हो सकी है। लाखों महिलाएं अगली भुगतान राशि का इंतजार कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार मई के अंत या जून महीने में एक साथ दो या तीन किस्तें जारी कर सकती है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सभी लाभार्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल या संबंधित विभाग से संपर्क कर अपना नाम सूची में जांच लें। साथ ही ई-केवाईसी और दस्तावेज अपडेट की स्थिति भी जरूर देख लें। यदि आपका नाम पात्र सूची में मौजूद है, तभी आपको अगली किस्त का लाभ मिल सकेगा।

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प्रश्नोत्तरी 

प्रश्न: लाडकी बहिन योजना क्या है ?

उत्तर: महाराष्ट्र सरकार की योजना है, जिसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है।

प्रश्न: योजना से लाखों नाम क्यों हटाए गए ?

उत्तर: ई-केवाईसी अधूरी होने, गलत दस्तावेज जमा करने और पात्रता नियम पूरे नहीं करने पर नाम हटाए गए।

प्रश्न: अब कितनी महिलाएं योजना की पात्र सूची में बची हैं ?

उत्तर: सत्यापन के बाद लगभग 1.81 करोड़ महिलाएं योजना की पात्र लाभार्थी सूची में शामिल रह गई हैं।

प्रश्न: अगली किस्त में देरी क्यों हो रही है ?

उत्तर: सरकार द्वारा चलाए गए सत्यापन अभियान और लाभार्थियों की जांच प्रक्रिया के कारण भुगतान फिलहाल रुका हुआ है।

प्रश्न: लाभार्थी अपना नाम कैसे चेक कर सकती हैं ?

उत्तर: महिलाएं आधिकारिक पोर्टल, संबंधित विभाग या ई-केवाईसी स्टेटस जांचकर लाभार्थी सूची में अपना नाम देख सकती हैं।


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