CNH Industrial की भारतीय इकाई सीएनएच इंडिया ने विनिर्माण क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए 12 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित अपने अत्याधुनिक संयंत्र से 8 लाखवां ट्रैक्टर तैयार किया। यह उपलब्धि केवल एक उत्पादन आंकड़ा नहीं है, बल्कि भारतीय कृषि क्षेत्र में कंपनी की मजबूत पकड़ और किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक भी है।
कंपनी ने बताया कि न्यू हॉलैंड और केस आईएच ब्रांड के ट्रैक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते उत्पादन क्षमता में भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यही कारण है, कि ग्रेटर नोएडा प्लांट आज सीएनएच के वैश्विक विनिर्माण नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
ग्रेटर नोएडा में स्थित यह अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र वर्ष 1999 से संचालित हो रहा है। शुरुआत में इसकी उत्पादन क्षमता सीमित थी, लेकिन किसानों की बढ़ती जरूरतों और वैश्विक बाजार में भारतीय ट्रैक्टरों की मांग बढ़ने के साथ कंपनी ने लगातार इसमें निवेश किया। आज यह प्लांट भारत के सबसे आधुनिक ट्रैक्टर निर्माण केंद्रों में गिना जाता है। यहां न्यू हॉलैंड और Case IH ब्रांड के तहत विभिन्न श्रेणी के ट्रैक्टर बनाए जाते हैं।
कंपनी का लक्ष्य केवल भारतीय किसानों की जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उपकरण उपलब्ध कराना है। यही वजह है कि यह प्लांट भारत की विनिर्माण क्षमता का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है।
सीएनएच इंडिया के अनुसार, पिछले 1 लाख ट्रैक्टरों का उत्पादन रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। इससे पहले वर्ष 2024 में कंपनी ने 7 लाख ट्रैक्टर उत्पादन का आंकड़ा पार किया था।
महज दो वर्षों के भीतर 8 लाख ट्रैक्टरों तक पहुंचना कंपनी की मजबूत उत्पादन क्षमता और बढ़ती बाजार मांग को दर्शाता है। कंपनी ने इस उपलब्धि का श्रेय आधुनिक तकनीक, कुशल कर्मचारियों और बेहतर सप्लाई चेन प्रबंधन को दिया है।
उत्पादन प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए प्लांट में स्वचालित मशीनों और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे उत्पादन लागत कम होने के साथ गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। यही कारण है कि कंपनी कम समय में अधिक ट्रैक्टर निर्माण करने में सफल रही है।
वर्तमान में ग्रेटर नोएडा संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 60 हजार ट्रैक्टर है। बढ़ती घरेलू और वैश्विक मांग को देखते हुए कंपनी अब इसे बढ़ाकर 70 हजार ट्रैक्टर प्रतिवर्ष करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी को निर्यात बाजारों में और मजबूती मिलेगी, वहीं भारतीय किसानों को भी समय पर ट्रैक्टर उपलब्ध हो सकेंगे। यह विस्तार कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत भारत को वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कंपनी का मानना है कि कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण बढ़ने के कारण आने वाले वर्षों में ट्रैक्टरों की मांग और तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में उत्पादन क्षमता विस्तार कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
ग्रेटर नोएडा प्लांट में निर्मित ट्रैक्टर केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। यहां तैयार किए गए उत्पाद वर्तमान में 90 से अधिक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। इनमें एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और उत्तरी अमेरिका के कई बड़े बाजार शामिल हैं।
कंपनी के ट्रैक्टर अपनी मजबूती, ईंधन दक्षता और आधुनिक तकनीक के कारण वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो रहे हैं। सीएनएच इंडिया ने भारत को अपने निर्यात संचालन का प्रमुख केंद्र बनाया है।
यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय निर्माण क्षमता की पहचान लगातार मजबूत हो रही है। निर्यात बढ़ने से न केवल कंपनी की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि भारत के विनिर्माण और विदेशी मुद्रा भंडार को भी लाभ मिल रहा है।
करीब 60 एकड़ में फैले इस विशाल संयंत्र में केवल ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि इंजन, ट्रांसमिशन, पावर टेक ऑफ (PTO) और एक्सल जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों का भी निर्माण किया जाता है।
कंपनी यहां 3,000 से अधिक ट्रैक्टर वैरिएंट तैयार करती है, जिन्हें अलग-अलग खेती आवश्यकताओं और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
छोटे किसानों के लिए कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर से लेकर बड़े कृषि कार्यों के लिए हाई पावर मॉडल तक यहां बनाए जाते हैं। उत्पादन की विविधता ही कंपनी को प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाती है।
इसके अलावा कंपनी लगातार नए मॉडल विकसित कर रही है ताकि आधुनिक खेती की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।
सीएनएच इंडिया वर्तमान में भारत में 4,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रही है। इसके अलावा सप्लाई चेन, डीलर नेटवर्क और परिवहन जैसे क्षेत्रों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न हो रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा प्लांट ने उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा दिया है। कंपनी द्वारा किए जा रहे निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक्टर उद्योग भारत के कृषि और औद्योगिक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सीएनएच इंडिया जैसी कंपनियों की सफलता देश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दे रही है।
सीएनएच इंडिया अपने ग्रेटर नोएडा संयंत्र में केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दे रही, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को भी प्राथमिकता दे रही है।
संयंत्र में छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और कार्बन उत्सर्जन कम होता है। इसके अलावा जल संरक्षण अभियान और मियावाकी पद्धति के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी किया जा रहा है।
कंपनी ने उत्पादन प्रक्रिया में सख्त गुणवत्ता नियंत्रण मानकों को अपनाया है ताकि हर ट्रैक्टर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतर सके। आधुनिक स्वचालित तकनीक और हरित विनिर्माण के संयोजन ने इस प्लांट को भारत के सबसे उन्नत औद्योगिक केंद्रों में शामिल कर दिया है।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही सोनालीका, जॉन डियर, स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्न: सीएनएच इंडिया ने कौन-सी बड़ी उपलब्धि हासिल की ?
उत्तर: सीएनएच इंडिया ने ग्रेटर नोएडा प्लांट में 8 लाख ट्रैक्टर उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा सफलतापूर्वक पार किया है।
प्रश्न: ग्रेटर नोएडा प्लांट में कौन-कौन से ब्रांड के ट्रैक्टर बनते हैं ?
उत्तर: इस प्लांट में न्यू हॉलैंड और केस आईएच ब्रांड के आधुनिक कृषि उपयोगी ट्रैक्टरों का निर्माण किया जाता है।
प्रश्न: कंपनी अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता कितनी करने की तैयारी कर रही है ?
उत्तर: सीएनएच इंडिया वर्तमान 60 हजार क्षमता बढ़ाकर इसे 70 हजार ट्रैक्टर प्रतिवर्ष करने की तैयारी कर रही है।
प्रश्न: ग्रेटर नोएडा प्लांट से बने ट्रैक्टर कितने देशों में निर्यात होते हैं ?
उत्तर: इस प्लांट में निर्मित ट्रैक्टर एशिया, अफ्रीका सहित दुनिया के 90 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं।
प्रश्न: सीएनएच इंडिया टिकाऊ विनिर्माण के लिए कौन-कौन से कदम उठा रही है ?
उत्तर: कंपनी सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और मियावाकी पौधारोपण जैसी पर्यावरण-अनुकूल टिकाऊ विनिर्माण पद्धतियों को बढ़ावा दे रही है।