भारत में खेती केवल जीविका नहीं, बल्कि परंपरा, मेहनत और उम्मीदों का प्रतीक है। विशेषकर सब्जी किसान, जो हर मौसम में बेहतर उपज के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। बदलते समय में अब खेती को आसान, तेज और किफायती बनाने के लिए आधुनिक तकनीक की आवश्यकता है।
इसी दिशा में STIHL कंपनी ने किसानों के लिए एक मजबूत, भरोसेमंद और उपयोगी समाधान पेश किया है - Power Weeder MH 210, जो खासतौर पर सब्ज़ी की खेती करने वाले किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है।
STIHL Power Weeder MH 210 को जर्मन इंजीनियरिंग और भारतीय किसानों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।
यह मशीन मिट्टी की तैयारी, निराई-गुड़ाई और खाद मिश्रण जैसे कामों को आसान बनाती है। STIHL Power Weeder MH 210 का कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे छोटे और मध्यम खेतों, नर्सरी या ग्रीनहाउस में काम करने के लिए आदर्श बनाता है।
STIHL Power Weeder MH 210 ट्रैक्टर की इंजन क्षमता 80cc (4-स्ट्रोक इंजन), पावर आउटपुट 2.2 HP, ड्राइव
सिस्टम बेल्ट ड्राइव, कार्य चौड़ाई 15 इंच कार्य गहराई 4 इंच, फ्यूल टैंक क्षमता 1.6 लीटर, वजन 28 किलोग्राम, वारंटी 1 वर्ष (STIHL Warranty) के आसपास है।
मिट्टी की बेहतर तैयारी
MH 210 मिट्टी को समान रूप से जोतता है, जिससे पौधों की जड़ों को भरपूर ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं।
इससे पौधे मजबूत और स्वस्थ बढ़ते हैं।
निराई-गुड़ाई में दक्षता
अब पारंपरिक निराई की मेहनत और समय दोनों से राहत! MH 210 कुछ ही घंटों में बड़ा क्षेत्र तैयार कर देता है।
खाद और उर्वरक मिश्रण
खाद को मिट्टी में गहराई तक और समान रूप से मिलाने से पौधों को संतुलित पोषण मिलता है — जिससे पैदावार
बढ़ती है।
ईंधन की बचत, खर्च में कमी
यह मशीन फ्यूल-एफिशिएंट है, कम उत्सर्जन करती है और पर्यावरण के अनुकूल है।
किसानों के लिए बेहद लाभकारी
MH 210 से मिट्टी की सतह एकसमान और बारीक बनती है, जिससे बीजों का अंकुरण बेहतर होता है।
STIHL का वादा है – “STIHL उपकरण, लाए परिवर्तन” और MH 210 इस वादे पर पूरी तरह खरा उतरता है। यह केवल एक मशीन नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत को आसान और उनके खेतों को अधिक उत्पादक बनाने वाला साथी है।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही सोनालीका, जॉन डियर, स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
खेती-किसानी के क्षेत्र में सबसे ज्यादा महत्व आजकल कृषि यंत्रों का है। कृषि यंत्रों की मदद के बिना खेती किसानी के किसी भी कार्य को पूर्ण करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। किसानों को उत्पादकता में सबसे ज्यादा कृषि यंत्रों का योगदान होता है।
ट्रैक्टरचॉइस के इस लेख में आज हम आपको खेती में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले हैं। कृषि में उपयोग होने वाले सबसे महत्वपूर्ण कृषि यंत्रों की जानकारी पाने के लिए ट्रैक्टरचॉइस के इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।
कृषि में आधुनिकता के चलते ट्रैक्टर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला कृषि यंत्र है। बिना ट्रैक्टर की मदद के खेती-किसानी की आज के समय में कोई कल्पना नहीं की जा सकती है। वर्तमान में ट्रैक्टर का इस्तेमाल लगभग पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर होता है। जुताई, बुवाई और कटाई से लेकर खेत से मंडी तक पहुँचाने में ट्रैक्टर का बेहद महत्वपूर्ण योगदान होता है।
हल: हल खेती में सबसे पहले उपयोग होने वाला एक जुताई उपकरण है, जिसका उपयोग मिट्टी को पलटने और फसल अवशेषों को दफनाने के लिए किया जाता है। यह कठोर मिट्टी को तोड़ने और बीज बिस्तर तैयार करने में मदद करता है।
कल्टीवेटर: कल्टीवेटर का उपयोग जुताई के बाद मिट्टी को बारीक कणों में तोड़ने के लिए किया जाता है। ये खरपतवारों को उखाड़ने और मिट्टी को और अधिक ढीला करने में सहयोग करते हैं।
हैरो: किसान साथियों ढेले तोड़ने, मिट्टी को समतल करने और बढ़िया बीज बिस्तर तैयार करने के लिए उपयोग किया जाता है। हैरो विशेष रूप से जुताई के बाद और रोपण से पहले उपयोगी होते हैं।
रोटावेटर: रोटावेटर ऐसी मशीनें हैं, जो मिट्टी को भुरभुरा करके जुताई और मिट्टी तैयार करने का काम एक साथ करती हैं, जिससे यह बीज बोने के लिए आदर्श बन जाती है।
सीड ड्रिल: सीड ड्रिल मशीन का उपयोग सही दूरी पर उचित बीजों की बुवाई के लिए किया जाता है। बीज ड्रिल मशीन की मदद से किसान कम समय में ज्यादा से ज्यादा जमीन पर अच्छे से बीजों की बुवाई कर सकते हैं।
खेती से अच्छी उत्पादकता हांसिल करने के लिए पोषक तत्वों, पानी और सूर्य के प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा को कम करने के लिए निराई की आवश्यक है।
खरपतवार हटाने वाले यंत्र: निराई और अंतर-खेती के उपकरणों का उपयोग फसलों के बीच से खरपतवारों को हटाने के लिए किया जाता है, चाहे मैन्युअल रूप से हो या मशीनी तरीके से। वे रासायनिक शाकनाशियों की आवश्यकता को कम करते हैं, जिससे खेती अधिक टिकाऊ बनती है।
स्प्रिंकल: स्प्रिंकल एक कृषि सिंचाई यंत्र है, जो कम पानी के खर्च में ज्यादा से ज्यादा भूमि की सिंचाई करता है। इससे किसानों को कम पानी, कम खर्च और कम समय में अधिक मुनाफा मिलता है।
हार्वेस्टर: हार्वेस्टर का इस्तेमाल अनाज, फल और सब्जियों की कटाई और तुड़ाई के लिए किया जाता है।
थ्रेसर: थ्रेसर का इस्तेमाल मुख्य रूप से कटी हुई फसल से अनाज को अलग करने के लिए किया जाता है।
लेवलर्स: लेवलर्स का इस्तेमाल खेतों को एक समान करके उनकी सिंचाई व्यवस्था को बेहतर और जल जमाव को रोकने के लिए किया जाता है। लेवलर्स की मदद से किसानों को काफी ज्यादा मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, अगर हम खेती की बात करें तो सबसे जरूरी कृषि यंत्र ट्रैक्टर है। लेकिन, बिना कृषि उपकरणों जैसे - हल, कल्टीवेटर, रोटावेटर, हैरो, सीड ड्रिल, लैंड लेवलर्स आदि के बिना ट्रैक्टर पूरी तरह अधूरा है। आधुनिक कृषि उपकरणों की मदद से किसानों को काफी ज्यादा लाभ मिलता है। क्योंकि, कृषि यंत्रों की मदद से किसान का समय, श्रम और धन तीनों चीजों की बचत होती है। ऐसी ही इंफॉर्मेटिव जानकारी के लिए ट्रैक्टरचॉइस पोर्टल के साथ बने रहे यहां आपको कृषि जगत से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही सोनालीका, जॉन डियर, स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
भारतीय कृषि में मशीनों का उपयोग काफी तेजी के साथ बढ़ रहा है। आधुनिक कंबाइन हार्वेस्टर किसानों की पैदावार बढ़ाने में बहुत मदद करते हैं। इस क्षेत्र में Dasmesh Mechanical Works एक जाना-पहचाना नाम है। दशमेश कंपनी कई सालों से अच्छी गुणवत्ता के कंबाइन हार्वेस्टर बना रही है।
दशमेश कंपनी के अलग-अलग मॉडल छोटे, मध्यम और बड़े किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यहाँ हम Dasmesh 3100, Dasmesh 9100, Dasmesh 913 और Dasmesh 912 इन चार मुख्य मॉडलों की आसान और साफ जानकारी दे रहे हैं।
दशमेश 3100
Dasmesh 3100 एक मिनी सेल्फ-प्रोपेल्ड कंबाइन हार्वेस्टर है, जिसे विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के खेतों के लिए तैयार किया गया है। यह मॉडल उन किसानों के लिए आदर्श है, जो कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ उठाना चाहते हैं। इस मशीन में लगभग 76 से 101 हॉर्सपावर (HP) का इंजन विकल्प उपलब्ध होता है, जो इसको पर्याप्त शक्ति प्रदान करता है।
दशमेश 3100 की कटाई चौड़ाई लगभग 9 से 10 फीट होती है, जिससे यह छोटे खेतों में आसानी से संचालित हो सकती है। यह मशीन एक ही समय में फसल की कटाई, थ्रेशिंग (दंवाई) और सफाई का कार्य करती है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। धान और गेहूँ जैसी प्रमुख फसलों के लिए यह अत्यंत उपयुक्त है।

Dasmesh 3100 की सबसे बड़ी विशेषता इसका कॉम्पैक्ट डिज़ाइन है, जिससे इसे संकरी पगडंडियों और छोटे खेतों में भी आसानी से चलाया जा सकता है। इसकी ईंधन खपत भी संतुलित रहती है, जिससे संचालन लागत कम होती है। रखरखाव आसान है और स्पेयर पार्ट्स भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। सीमित बजट वाले किसानों के लिए यह एक भरोसेमंद और किफायती विकल्प माना जाता है।
दशमेश 9100
Dasmesh 9100 कंपनी का एक प्रीमियम और हाई-कैपेसिटी सेल्फ-प्रोपेल्ड कंबाइन हार्वेस्टर है। यह मॉडल बड़े खेतों और व्यावसायिक कृषि कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें लगभग 101 HP का शक्तिशाली डीज़ल इंजन दिया जाता है, जो लंबी अवधि तक लगातार काम करने में सक्षम है।
दशमेश 9100 की कटाई-चौड़ाई लगभग 14 फीट होती है, जिससे बड़े क्षेत्र की कटाई कम समय में की जा सकती है। इस मॉडल में 5 स्ट्रॉ वॉकर लगे होते हैं, जो फसल से अनाज को कुशलता से अलग करते हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें बड़ा ग्रेन टैंक दिया गया है, जिससे बार-बार खाली करने की आवश्यकता कम पड़ती है।

Dasmesh 9100 को भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह गेहूँ, धान, मक्का और अन्य अनाज फसलों की कटाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन देता है। मजबूत बॉडी, बेहतर गियर सिस्टम और संतुलित संरचना इसे टिकाऊ बनाती है। यह मॉडल उन किसानों और ठेकेदारों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, जो बड़े पैमाने पर कटाई कार्य करते हैं और उच्च उत्पादकता चाहते हैं।
दशमेश 913
Dasmesh 913 एक ट्रैक्टर-ड्रिवन कंबाइन हार्वेस्टर है, जिसका संचालन ट्रैक्टर के पीटीओ (Power Take-Off) सिस्टम से होता है। यह मॉडल उन किसानों के लिए आदर्श है जिनके पास पहले से 55 से 75 HP का ट्रैक्टर उपलब्ध है। अलग इंजन की आवश्यकता न होने के कारण इसकी कुल लागत अपेक्षाकृत कम रहती है।
दशमेश 913 की कटाई-चौड़ाई लगभग 12 फीट होती है, जो मध्यम आकार के खेतों के लिए उपयुक्त है। Dasmesh 913 में स्ट्रॉ वॉकर और थ्रेशिंग सिस्टम इस प्रकार डिजाइन किए गए हैं, कि अनाज की हानि न्यूनतम रहे। इसका ढांचा मजबूत और टिकाऊ है, जिससे यह लंबे समय तक उपयोग में लाया जा सकता है।

दशमेश 913 रखरखाव की दृष्टि से भी यह मॉडल सरल है। चूंकि यह ट्रैक्टर से संचालित होता है, इसलिए ईंधन की खपत ट्रैक्टर के इंजन पर निर्भर करती है। छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह एक व्यावहारिक और लागत-प्रभावी समाधान है। गेहूँ और धान जैसी फसलों की कटाई में इसका प्रदर्शन संतोषजनक माना जाता है।
दशमेश 912
Dasmesh 912 भी एक ट्रैक्टर-ड्रिवन कंबाइन हार्वेस्टर है, लेकिन इसकी विशेषता यह है कि यह 4×4 ट्रैक्टर के साथ अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है। विशेष रूप से गीले या कीचड़ वाले खेतों में इसका प्रदर्शन बेहतर रहता है। इसे भी लगभग 55 से 75 HP ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है।
दशमेश 912 की कटाई चौड़ाई लगभग 12 फीट है और इसका डिज़ाइन संतुलित तथा मजबूत है। यह मॉडल गेहूँ और धान की फसलों के लिए उपयुक्त है और मध्यम से बड़े खेतों में अच्छा प्रदर्शन देता है। दशमेश 912 कंबाइन हार्वेस्टर में आपको 4×4 ड्राइव मिलती है, जिसकी सहायता से कठिन परिस्थितियों में भी स्थिरता बनी रहती है।

Dasmesh 912 का रखरखाव अपेक्षाकृत आसान है और इसकी बनावट टिकाऊ है। जिन क्षेत्रों में भूमि समतल नहीं होती या नमी अधिक होती है, वहाँ यह मॉडल बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। लागत और प्रदर्शन के संतुलन के कारण यह किसानों के बीच लोकप्रिय है।
नोट: दशमेश के उपरोक्त 4 कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत न्यूनतम 18 लाख से अधिकतम 25 लाख के बीच है। आप किस मॉडल को खरीदना चाहते हैं, उसी के आधार पर कीमत निर्धारित की जाती है।
दशमेश के ये चारों मॉडल अलग-अलग किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। Dasmesh 3100 छोटे खेत और कम बजट वाले किसानों के लिए सही है। Dasmesh 9100 बड़े खेतों और ज्यादा काम के लिए बेहतर है। Dasmesh 913 और Dasmesh 912 उन किसानों के लिए अच्छे हैं, जो ट्रैक्टर से चलने वाली मशीन चाहते हैं।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही सोनालीका, जॉन डियर, स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
खेती- किसानी में ट्रैक्टर जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उसके साथ सही कृषि यंत्रो का चयन भी है। आमतौर पर देखा जाता है, कि किसान मजबूत और उच्च क्षमता वाला ट्रैक्टर तो खरीद लेते हैं, लेकिन उसके साथ ऐसे फार्मिंग इम्प्लीमेंट जोड़ देते हैं, जो उस ट्रैक्टर, मिट्टी या फसल के अनुकूल नहीं होते। इसका सीधा असर लागत और उत्पादन दोनों पर पड़ता है। गलत इम्प्लीमेंट इंजन पर अनावश्यक दबाव डालता है, डीजल की खपत बढ़ाता है और समय की बर्बादी करता है। परिणामस्वरूप खेती की लागत बढ़ जाती है और उत्पादन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो पाती।
इम्प्लीमेंट चुनते समय सबसे पहला और महत्वपूर्ण पहलू ट्रैक्टर की हॉर्स पावर (HP) है। कम HP वाले ट्रैक्टर के साथ भारी और चौड़े इम्प्लीमेंट लगाने से इंजन पर अधिक दबाव पड़ता है। इससे ट्रैक्टर की परफॉर्मेंस गिरती है, माइलेज कम होता है और मशीन की उम्र भी घट सकती है। दूसरी ओर, यदि ज्यादा HP वाले ट्रैक्टर के साथ हल्के इम्प्लीमेंट लगाए जाएं तो उसकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पाता, जिससे संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं होता।
उदाहरण के लिए, 20–25 HP ट्रैक्टर के लिए सिंगल बॉटम हल और हल्का कल्टीवेटर उपयुक्त होते हैं, जबकि 46–50 HP ट्रैक्टर 7 फीट रोटावेटर या स्ट्रॉ रीपर जैसे इम्प्लीमेंट आसानी से चला सकता है। इसलिए किसान को हमेशा अपने ट्रैक्टर की HP प्लेट और तकनीकी विवरण देखकर ही इम्प्लीमेंट का चुनाव करना चाहिए।
हर क्षेत्र की मिट्टी अलग होती है, कहीं काली और भारी, तो कहीं रेतीली या दोमट। ऐसे में एक ही प्रकार का इम्प्लीमेंट हर जगह समान परिणाम नहीं दे सकता है। भारी मिट्टी में गहरी जुताई के लिए मजबूत हल और हैवी ड्यूटी कल्टीवेटर की आवश्यकता होती है। यदि हल्की मिट्टी में वही भारी उपकरण उपयोग किया जाए तो अनावश्यक ईंधन खर्च होगा और मिट्टी की संरचना भी प्रभावित हो सकती है।
रेतीली या दोमट मिट्टी में हल्के और मध्यम श्रेणी के फार्मिंग इम्प्लीमेंट बेहतर परिणाम देते हैं। मिट्टी की सही तैयारी फसल की जड़ विकास, नमी संरक्षण और पोषक तत्वों के अवशोषण में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए इम्प्लीमेंट का चुनाव करते समय खेत की मिट्टी का परीक्षण और उसकी प्रकृति का मूल्यांकन जरूर करें।
हर फसल की अपनी अलग जरूरत होती है। गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए कल्टीवेटर और सीड ड्रिल उपयोगी माने जाते हैं। वहीं धान की खेती में रोटावेटर और पडलर की आवश्यकता अधिक होती है, क्योंकि धान के लिए गीली और मुलायम मिट्टी चाहिए होती है।
कपास, गन्ना और सब्जियों की खेती में विशेष ट्रैक्टर इम्प्लीमेंट उपलब्ध हैं, जो पंक्तियों की दूरी, निराई-गुड़ाई और उर्वरक प्रबंधन को आसान बनाते हैं। यदि फसल के अनुरूप उपकरण का चयन किया जाए तो बुवाई समान रूप से होती है, पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और अंततः उत्पादन बढ़ता है।
खेती एक चरणबद्ध प्रक्रिया है, इसमें जुताई, बुवाई, निराई-गुड़ाई और कटाई जैसे प्रमुख चरण शामिल हैं। हर चरण के लिए अलग इम्प्लीमेंट की आवश्यकता होती है। कई किसान एक ही उपकरण से सभी कार्य करने की कोशिश करते हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उदाहरण के लिए, जुताई के लिए प्लाऊ या रोटावेटर उपयुक्त है, जबकि बुवाई के लिए सीड ड्रिल आवश्यक है। इसी प्रकार निराई-गुड़ाई के लिए वीडर और कटाई के लिए हार्वेस्टर या रीपर की जरूरत होती है। यदि हर चरण में सही उपकरण का उपयोग किया जाए तो समय की बचत होती है, मजदूरी लागत कम होती है और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।
आज के आधुनिक ट्रैक्टर इम्प्लीमेंट हाइड्रोलिक सिस्टम और PTO (Power Take Off) पर आधारित होते हैं। इसलिए इम्प्लीमेंट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका ट्रैक्टर उसे उठाने और संचालित करने में सक्षम है या नहीं। अगर ट्रैक्टर की हाइड्रोलिक क्षमता कम है और इम्प्लीमेंट भारी है, तो संतुलन बिगड़ सकता है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी तरह PTO RPM मेल न खाने पर इम्प्लीमेंट सही गति से काम नहीं करेगा। इसलिए खरीद से पहले तकनीकी अनुकूलता की जांच अनिवार्य है।
इम्प्लीमेंट खरीदते समय केवल कम कीमत देखकर निर्णय लेना समझदारी नहीं है। मजबूत निर्माण, उच्च गुणवत्ता और नजदीकी सर्विस सेंटर की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है। सस्ते लेकिन कमजोर इम्प्लीमेंट बार-बार खराब हो सकते हैं, जिससे मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च आता है। अच्छे ब्रांड के इम्प्लीमेंट्स में स्पेयर पार्ट्स आसानी से मिल जाते हैं और उनकी कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रहती है। किसान को खरीद से पहले बाजार में उपलब्ध विकल्पों की तुलना करनी चाहिए और विश्वसनीय डीलर से सलाह लेनी चाहिए।
सही इम्प्लीमेंट वही है, जो खेती की लागत घटाए और उत्पादन बढ़ाए। जरूरत से बड़ा इम्प्लीमेंट “स्टेटस” तो बढ़ा सकता है, लेकिन मुनाफा नहीं। नीचे दिए गए HP Compatibility चार्ट से किसान सही निर्णय ले सकते हैं:-
20–25 HP: सिंगल बॉटम हल, हल्का कल्टीवेटर
26–30 HP: 5–7 टाइन कल्टीवेटर, सिंगल स्पीड रोटावेटर
31–35 HP: 7–9 टाइन कल्टीवेटर, 5 फीट रोटावेटर, सीड ड्रिल
36–40 HP: 9–11 टाइन कल्टीवेटर, 6 फीट रोटावेटर, स्प्रेयर
41–45 HP: हैवी ड्यूटी कल्टीवेटर, मल्टीक्रॉप सीड ड्रिल
46–50 HP: 7 फीट रोटावेटर, स्ट्रॉ रीपर, बेलर
51–60 HP: हैवी प्लाऊ, सुपर सीडर, ट्रेल्ड स्प्रेयर
60 HP से अधिक: लेजर लैंड लेवलर, हैवी हार्वेस्टर अटैचमेंट
अंत में, इम्प्लीमेंट खरीदने से पहले ट्रैक्टर की HP प्लेट, PTO RPM और हाइड्रोलिक क्षमता की जांच अवश्य करें। जरूरत पड़ने पर कृषि विभाग, अनुभवी किसानों या अधिकृत डीलर से सलाह लें। सही ट्रैक्टर–इम्प्लीमेंट संयोजन से खेती आसान, किफायती और अधिक लाभकारी बन सकती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है, कि यदि ट्रैक्टर और इम्प्लीमेंट के बीच संतुलित तालमेल हो तो खेती अधिक लाभकारी बन सकती है। सही संयोजन से न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि खेत की तैयारी भी बेहतर होती है, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सुधार आता है। इसलिए ट्रैक्टर खरीदते समय जितना ध्यान मॉडल और ब्रांड पर दिया जाता है, उतना ही ध्यान इम्प्लीमेंट चयन पर भी देना चाहिए।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही सोनालीका, जॉन डियर, स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
गन्ना (Sugarcane) भारत की प्रमुख नकदी फसल है, और इसकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। रेटून फसल वह होती है, जिसमें पहली कटाई के बाद जड़ों से दोबारा फसल उगाई जाती है। इस प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए शुगरकेन रेटून मैनेजर मशीन का उपयोग किया जाता है।
यह मशीन पुरानी फसल के अवशेष हटाकर, जड़ों के आसपास की मिट्टी को ढीला करती है और उर्वरक डालने में मदद करती है। रेटून मैनेजर का मुख्य उद्देश्य गन्ने की दूसरी और तीसरी फसल की पैदावार बढ़ाना है। पारंपरिक तरीकों में श्रम अधिक लगता था और उत्पादन कम होता था, लेकिन इस मशीन के प्रयोग से समय, श्रम और लागत तीनों में बचत होती है।
रेटून मैनेजर कई कार्य एक साथ करता है। यह गन्ने की सूखी पत्तियों और जड़ों के अवशेष को हटाता है, जिससे नई फसल को पोषण मिलता है। मशीन मिट्टी की गुड़ाई करती है और जड़ों के पास वायु संचार बढ़ाती है। इसके साथ ही यह उर्वरक को सही गहराई पर डालने में सक्षम होती है। कुछ आधुनिक रेटून मैनेजर में स्प्रे सिस्टम भी लगा होता है, जिससे कीटनाशक या सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव किया जा सकता है। इससे पौधों की वृद्धि तेज होती है और रोगों की संभावना कम होती है।
रेटून मैनेजर के उपयोग से किसान को कई लाभ मिलते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि रेटून फसल की उत्पादकता 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इससे किसान को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके अलावा, मजदूरी खर्च में कमी आती है। जहां पहले कई मजदूरों की आवश्यकता होती थी, अब एक ट्रैक्टर और रेटून मैनेजर से काम आसानी से हो जाता है। इससे समय की बचत होती है और फसल जल्दी तैयार होती है।
शुगरकेन कटर प्लांटर एक आधुनिक कृषि मशीन है, जो गन्ने की बुवाई के लिए उपयोग की जाती है। यह मशीन गन्ने की कटिंग (सेट) को उचित आकार में काटकर सीधे खेत में बो देती है।
पहले गन्ने की बुवाई में काफी समय और श्रम लगता था, लेकिन कटर प्लांटर से यह कार्य तेज और सटीक हो गया है। यह मशीन बीज की सही दूरी और गहराई सुनिश्चित करती है, जिससे पौधों की वृद्धि समान रूप से होती है।
कटर प्लांटर गन्ने की डंडियों को समान आकार में काटता है और खेत में कतारबद्ध तरीके से लगाता है। कुछ मशीनों में उर्वरक डालने और मिट्टी चढ़ाने की सुविधा भी होती है।
यह मशीन आमतौर पर ट्रैक्टर से संचालित होती है और एक बार में कई कतारों में बुवाई कर सकती है। इससे खेत में समान दूरी बनी रहती है और सिंचाई व खाद प्रबंधन आसान हो जाता है।
कटर प्लांटर से बुवाई करने पर बीज की बचत होती है और अंकुरण प्रतिशत बढ़ता है। इससे पौधों की संख्या संतुलित रहती है और उत्पादन अधिक मिलता है।
यह मशीन बड़े किसानों के साथ-साथ सहकारी समितियों के लिए भी उपयोगी है। मशीनरी के प्रयोग से खेती आधुनिक और लाभकारी बनती है। समय की बचत और कम लागत के कारण किसान की आय में वृद्धि होती है।
आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से गन्ना खेती में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहा है। रेटून मैनेजर जहां दूसरी फसल की पैदावार बढ़ाता है, वहीं कटर प्लांटर बुवाई को सरल और सटीक बनाता है। यदि किसान इन मशीनों को अपनाते हैं, और वैज्ञानिक सलाह के साथ खेती करते हैं, तो गन्ना उत्पादन में वृद्धि निश्चित है। इससे न केवल किसान की आय बढ़ेगी, बल्कि देश की चीनी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। आधुनिक तकनीक ही गन्ना खेती के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी और ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता है। यहां ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी कीमत, फीचर्स और खेतों में उपयोग से जुड़ी अपडेट नियमित रूप से साझा की जाती हैं। साथ ही स्वराज, महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, वीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की पूरी और विश्वसनीय जानकारी भी ट्रैक्टरचॉइस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
भारतीय कृषि बाजार में Claas CROP TIGER 40 मिलने वाले समस्त शानदार मॉडल्स में से एक है। Claas CROP TIGER 40 एक अत्यंत ही शक्तिशाली कृषि उपकरण है, जो अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।
क्लास क्रॉप टाइगर 40 यंत्र की शक्तिशाली संरचना और नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल इसको एक विश्वसनीय और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने वाला यंत्र बनाती है। यह किसानों को जटिल तथा वक्त लेने वाले कृषि कार्यों को सुगम बनाने और उन्हें सुगमता और सुविधा के साथ करने में सहायता करता है।
क्रॉप टाइगर 40 एक शक्तिशाली कृषि कटाई यंत्र है, जो सभी ट्रैक्टरों के साथ सहजता से जुड़ जाता है। यह हर प्रकार की जमीन के लिए उपयुक्त है और कृषि उत्पादकता में सुधार करता है। यह सभी प्रकार के खेतों, सब्जियों की फसलों, फलों के बागों और अंगूर के बागों के लिए पूर्णतय उपयुक्त है।
भारत में Claas CROP TIGER 40 की कीमत बेहद किफायती है। इस उपकरण की ये सभी विशेषताएं इसे सभी किसानों के लिए एक किफायती बनातीं हैं।
Claas CROP TIGER 40, 76 ट्रैक्टर के साथ काम करने वाला एक अद्भुत कृषि यंत्र है। यह किसानों की व्यावहारिक आवश्यकताओं और मांगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि वे कुशलतापूर्वक और परेशानी मुक्त ढ़ंग से कार्य कर सकें। इसमें कृषि क्षेत्र में काम करते समय स्थिर कार्यक्षमता प्रदान करने के लिए बेहतर गुणवत्ता हैं। भारत में Claas CROP TIGER 40 से किसानों को खेतों पर काम करने में सुगमता होती है।
कुबोटा हार्वेसकिंग DC-68G-HK एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली कंबाइन हार्वेस्टर है, जिसे भारतीय खेतों और फसलों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह मशीन उन किसानों और कस्टम हायरिंग सर्विस देने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो कम समय में ज्यादा क्षेत्र की कटाई करना चाहते हैं।
मजबूत बनावट, उच्च क्षमता और भरोसेमंद परफॉर्मेंस इसे बाजार में खास पहचान दिलाती है। Kubota DC-68G-HK धान, गेहूं जैसी प्रमुख फसलों की कटाई के लिए उपयुक्त है और यह खेती के काम को तेज, आसान और अधिक लाभदायक बनाता है। अगर आप हार्वेस्टर को लोन पर लेने का विचार कर रहे हैं, तो यह मॉडल एक मजबूत निवेश साबित हो सकता है।
कुबोटा हार्वेसकिंग DC-68G-HK में V2403-M-DI-TE-CS1T मॉडल का वाटर-कूल्ड, 4-साइकिल, 4-सिलेंडर वर्टिकल डीजल इंजन दिया गया है, जो टर्बोचार्जर के साथ आता है। इसका इंजन विस्थापन 2434 cc है, जो इसे बेहतरीन ताकत और स्थिर प्रदर्शन प्रदान करता है।
यह इंजन 2700 RPM पर 49.2 kW यानी लगभग 68 HP की पावर जनरेट करता है, जिससे हार्वेस्टर भारी लोड में भी बिना रुकावट के काम करता है। इंजन का डिजाइन इस तरह किया गया है कि ईंधन की खपत संतुलित रहे और लंबे समय तक मशीन लगातार चल सके।
शानदार 60 लीटर की फ्यूल टैंक क्षमता के कारण यह हार्वेस्टर एक बार भरने पर लंबे समय तक खेत में बिना रुके काम कर सकता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है।
Kubota DC-68G-HK में क्रॉलर टाइप चालन प्रणाली दी गई है, जो इसे गीले, दलदली और फिसलन भरे खेतों में भी शानदार पकड़ देती है। इसके क्रॉलर की चौड़ाई 500 मिमी और ग्राउंड संपर्क लंबाई 1800 मिमी है, जिससे मशीन का वजन जमीन पर समान रूप से बंटता है। औसत जमीन संपर्क दबाव केवल 17.4 kPa है, जिससे खेत में मिट्टी कम धंसती है और मशीन आसानी से आगे बढ़ती है।
Kubota DC-68G-HK में हार्वेस्टर की 325 मिमी की ग्राउंड क्लीयरेंस इसे ऊबड़-खाबड़ खेतों में भी सुरक्षित संचालन का भरोसा देती है। इसकी ट्रैवलिंग स्पीड मध्यम में 0–1.23 मीटर/सेकंड और हाई में 0–1.75 मीटर/सेकंड है, जिससे किसान अपनी जरूरत के अनुसार गति चुन सकते हैं।
Kubota DC-68G-HK हार्वेस्टर का कटिंग सिस्टम बेहद प्रभावी और सटीक है। इसमें 900 x 1903 मिमी की पिकअप रील दी गई है, जो फसलों को सही तरीके से पकड़कर कटाई में मदद करती है। कटर बार की लंबाई 1980 मिमी है, जिससे एक साथ ज्यादा क्षेत्र की कटाई संभव होती है।
कटाई की ऊंचाई को हाइड्रोलिक सिस्टम के माध्यम से आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है, जिससे अलग-अलग फसलों और खेत की स्थिति के अनुसार मशीन को सेट किया जा सके।
कटाई की गति लगभग 1.23 मीटर/सेकंड है, जो इसे तेज और प्रभावी बनाती है। इसकी इकट्ठा करने की लंबाई 2075 मिमी है, जो फसल को सही तरीके से थ्रेशिंग सिस्टम तक पहुंचाने में मदद करती है।
Kubota DC-68G-HK में नुकीले दांत वाले अक्षीय प्रवाह (Axial Flow) थ्रेशिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है। थ्रेशिंग सिलेंडर का व्यास 620 मिमी और लंबाई 1650 मिमी है, जो 560 RPM की गति से घूमता है। इससे दाने की अलगाव प्रक्रिया तेज और प्रभावी होती है, जबकि अनाज को नुकसान कम से कम होता है। अवतल क्षेत्र 0.9 वर्ग मीटर का है, जो ज्यादा मात्रा में फसल को संभालने में सक्षम है।
इसके अलावा, इसमें ऑसिलेटिंग और 3-वे एयर स्ट्रीम क्लीनिंग सिस्टम दिया गया है, जो अनाज को भूसी और अन्य कचरे से साफ करता है। इस उन्नत सफाई प्रणाली के कारण अनाज की गुणवत्ता बेहतर रहती है और बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।
Kubota DC-68G-HK में 1250 लीटर की बड़ी ग्रेन टैंक क्षमता दी गई है, जिससे बार-बार अनलोड करने की जरूरत कम पड़ती है। इसका अनाज निर्वहन ऊंचाई रेंज 1.1 से 4.5 मीटर तक है, जिससे ट्रॉली या ट्रक में अनाज भरना आसान हो जाता है। अनाज अनलोडर की लंबाई 3.66 मीटर है और इसका टर्निंग एंगल 235 डिग्री है, जिससे हर दिशा में आसानी से अनलोडिंग संभव होती है। औसत अनाज निर्वहन समय लगभग 90 सेकंड है, जो काम की गति को और बढ़ा देता है।
इलेक्ट्रिकल सिस्टम में 12 वोल्ट बैटरी, लाइटिंग सिस्टम और कई प्रकार के अलार्म दिए गए हैं, जैसे कूलेंट टेम्परेचर, बैटरी चार्ज, इंजन ऑयल, ग्रेन टैंक फुल और सिलाई क्लॉज अलार्म। ये सभी फीचर्स मशीन की सुरक्षा और बेहतर रखरखाव में मदद करते हैं।
Kubota Harvesking DC-68G-HK की फसल क्षमता 5.75 से 10 एकड़ प्रति घंटे तक है, जो इसे अपनी श्रेणी का एक अत्यंत प्रभावी हार्वेस्टर बनाती है। कम समय में ज्यादा क्षेत्र की कटाई करने की क्षमता के कारण यह मशीन किसानों और कस्टम हायरिंग सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए बहुत लाभदायक साबित होती है।
अगर आप इस हार्वेस्टर को लोन पर लेने का विचार कर रहे हैं, तो यह एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। इसकी मजबूत बनावट, कम मेंटेनेंस, बेहतर ईंधन दक्षता और उच्च उत्पादन क्षमता इसे लंबे समय तक फायदे का सौदा बनाती है। Kubota DC-68G-HK न केवल आपकी कटाई की समस्या को हल करता है, बल्कि खेती को अधिक व्यावसायिक, तेज और लाभदायक बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
ट्रैक्टरचॉइस पोर्टल पर आपको आपकी पसंद के सभी ट्रैक्टर्स जैसे महिंद्रा, स्वराज, सोनालिका, मैसी फर्ग्युसन, फार्मट्रैक और आयशर आदि जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की सही और सटीक जानकारी दी जाती है।
एग्रीजोन एक भरोसेमंद कृषि मशीनरी ब्रांड है, जो किसानों के लिए आधुनिक और मजबूत उपकरण बनाता है। यह ब्रांड गुणवत्ता, टिकाऊपन और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। एग्रीजोन की मशीनें खेती के काम को आसान, तेज और कम लागत में पूरा करने में मदद करती हैं। इसके उत्पाद फसल कटाई, मड़ाई और सफाई जैसे कार्यों में काफी उपयोगी होते हैं। एग्रीजोन का उद्देश्य किसानों की मेहनत को कम करना और उनकी उत्पादकता बढ़ाना है।
किसानों के बीच एग्रीजोन अपनी विश्वसनीयता और शानदार सेवाओं के कारण लोकप्रिय है। ट्रैक्टरचॉइसके इस लेख में आज हम आपको एग्रीजोन स्ट्रॉ रीपर के 2 बेहतरीन प्रदर्शन वाले स्ट्रॉ रीपर की जानकारी प्रदान करेंगे।
यह मशीन दो मॉडलों में उपलब्ध है – ASR-57" और ASR-63"। दोनों का उपयोग मुख्य रूप से फसल की कटाई और मड़ाई के लिए किया जाता है। ASR-57" मध्यम स्तर के कामों के लिए उपयुक्त है, जबकि ASR-63" बड़े क्षेत्र और भारी कार्यों के लिए अधिक सक्षम माना जाता है।
मुख्य ड्राइव में ASR-57" मॉडल में ASR-57" ड्राइव और ASR-63" मॉडल में ASR-63" ड्राइव दिया गया है, और मुख्य ड्राइव मशीन की शक्ति को सही तरीके से पूरी कार्य प्रणाली तक पहुँचाकर उसकी कार्यक्षमता को मजबूत और प्रभावी बनाता है।
ASR-57" की कार्य चौड़ाई 2250 मि.मी. है, जबकि ASR-63" की कार्य चौड़ाई 2351 मि.मी. है, और कार्य चौड़ाई जितनी अधिक होती है, उतनी ही अधिक फसल एक बार में मड़ाई के लिए ली जा सकती है, इसलिए ASR-63" की अधिक चौड़ाई इसकी उत्पादन क्षमता को भी बढ़ा देती है।
ASR-57" की बॉडी चौड़ाई 57 इंच है, जबकि ASR-63" की बॉडी चौड़ाई 61 इंच है, और बड़ी बॉडी चौड़ाई के कारण ASR-63" मॉडल अधिक स्थिरता के साथ-साथ ज्यादा कार्यक्षमता भी प्रदान करता है।
ट्रैक्टर हॉर्स पावर की आवश्यकता की बात करें तो ASR-57" के लिए न्यूनतम 50 HP और ASR-63" मॉडल के लिए न्यूनतम 55 HP हॉर्सपॉवर की जरूरत पड़ती है।
यह दर्शाता है, कि ASR-63" को चलाने के लिए अधिक शक्तिशाली ट्रैक्टर की जरूरत होती है।
थ्रेशर का व्यास दोनों मॉडल का 31 इंच है। समान व्यास होने से दोनों मशीनों में मड़ाई की गुणवत्ता एक जैसी बनी रहती है।
ASR-57" में 288 ब्लेड होते हैं, जबकि ASR-63" में 320 ब्लेड होते हैं, और अधिक ब्लेड होने से मड़ाई की प्रक्रिया तेज तथा अधिक प्रभावी हो जाती है।
बास्केट में ब्लेड की संख्या ASR-57" में 36 और ASR-63" में 38 है, और बास्केट में अधिक ब्लेड होने से मशीन की मजबूती के साथ-साथ उसकी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है।
ASR-57" का कटर बार 7.5 फीट का है, जबकि ASR-63" का कटर बार 8 फीट का है, और बड़ा कटर बार एक बार में अधिक फसल काटने में सहायक होता है, जिससे समय और ईंधन की बचत होती है।
पहियों का आकार 7.00×19-10PR / 6.5×20 (वैकल्पिक) है। यह पहिए खेत में बेहतर संतुलन, पकड़ और स्थिरता प्रदान करते हैं।
ASR-57" में 2 ब्लोअर होते हैं, जबकि ASR-63" में 3 ब्लोअर होते हैं, और अधिक ब्लोअर होने से दाने और भूसे को अलग करने की प्रक्रिया अधिक तेज, प्रभावी और साफ-सुथरी होती है।
ASR-57" का वजन लगभग 1990 किलोग्राम है, जबकि ASR-63" का वजन लगभग 2040 किलोग्राम है, और अधिक वजन होने से मशीन को बेहतर स्थिरता मिलती है तथा काम के दौरान कंपन कम होता है।
ASR-57" का आकार (लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई) 3570 × 2520 × 1970 मि.मी. है, जबकि ASR-63" का आकार 3750 × 2625 × 1970 मि.मी. है, और बड़ा मॉडल आकार में थोड़ा बड़ा होने के कारण उसकी कार्यक्षमता भी अधिक होती है।
ब्लोअर फैन की गति दोनों मॉडल में 1260 RPM है। यह गति फसल की सही सफाई और भूसे से दानों को अलग करने में मदद करती है।
थ्रेशर ड्रम की गति दोनों मॉडल में 875 RPM है। यह गति फसल की सुरक्षित और प्रभावी मड़ाई सुनिश्चित करती है, जिससे दाने टूटते नहीं हैं।
ASR-57" और ASR-63" दोनों ही मॉडल किसानों के लिए उपयोगी और भरोसेमंद मशीनें हैं। ASR-57" छोटे और मध्यम किसानों के लिए एक किफायती विकल्प है, जबकि ASR-63" बड़े खेतों और ज्यादा उत्पादन वाले क्षेत्रों के लिए अधिक उपयुक्त है। किसान अपनी जरूरत, ट्रैक्टर की क्षमता और खेत के आकार को ध्यान में रखकर सही मॉडल का चुनाव कर सकते हैं।
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फार्मकिंग अपने मजबूत और टिकाऊ कृषि उपकरणों के लिए जाना जाता है। फार्मकिंग कंपनी के सभी इम्प्लीमेंट आधुनिक तकनीक से बने होते हैं, जो खेती को आसान और तेज बनाते हैं। फार्मकिंग के उपकरण कम रख-रखाव में लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन देते हैं। यह इम्प्लीमेंट मिट्टी की तैयारी से लेकर फसल बुवाई तक हर काम में उपयोगी होते हैं। फार्मकिंग किसानों को विश्वसनीय गुणवत्ता और बेहतर उत्पादकता का भरोसा देता है। ट्रैक्टरचॉइस के इस लेख में आज हम फार्मकिंग के कॉम्पैक्ट डिस्क हैरो के बारे में जानेंगे।
FK-CDH16, FK-CDH18, FK-CDH20, FK-CDH22 और FK-CDH24 सभी मॉडलों में 100×100 mm का स्क्वायर ट्यूबुलर फ्रेम दिया गया है, जो इन्हें अत्यधिक मजबूत और टिकाऊ बनाता है। यह फ्रेम भारी कृषि कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे कठिन और कठोर मिट्टी में भी मशीन आसानी से काम कर सके।
स्क्वायर ट्यूबुलर फ्रेम की खासियत यह है, कि यह झटकों को सहन करने में सक्षम होता है और लंबे समय तक बिना मुड़े या टूटे काम करता है। खेतों में लगातार उपयोग के दौरान मशीन पर भारी दबाव पड़ता है, ऐसे में यह फ्रेम मशीन की स्थिरता बनाए रखता है। मजबूत संरचना होने के कारण डिस्क हैरो का संतुलन बना रहता है, जिससे कटाई की गुणवत्ता बेहतर होती है और किसान को समान रूप से जुताई मिलती है।
सभी मॉडलों में 32 mm का सॉलिड स्क्वायर रॉड गैंग बोल्ट/एक्सल दिया गया है, जो मशीन की मजबूती को और बढ़ाता है। यह एक्सल भारी भार को आसानी से संभाल सकता है और डिस्क को सही दिशा में स्थिरता प्रदान करता है। सॉलिड स्क्वायर रॉड का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि टूट-फूट की संभावना कम हो और मशीन लंबे समय तक बिना किसी बड़ी मरम्मत के काम कर सके।
जब खेत में पथरीली या सख्त जमीन होती है, तब यह मजबूत एक्सल डिस्क को सही स्थिति में बनाए रखता है। इससे मशीन की कार्यक्षमता बनी रहती है और ऑपरेटर को बेहतर नियंत्रण मिलता है। यह विशेषता इन सभी मॉडलों को व्यावसायिक खेती के लिए उपयुक्त बनाती है।
इन सभी मॉडलों में डिस्क की संख्या अलग-अलग दी गई है, जो उनकी कार्यक्षमता और खेत के आकार के अनुसार तय की गई है। FK-CDH16 में 16 डिस्क, FK-CDH18 में 18 डिस्क, FK-CDH20 में 20 डिस्क, FK-CDH22 में 22 डिस्क और FK-CDH24 में 24 डिस्क उपलब्ध हैं।
सभी मॉडलों में फ्रंट गैंग में नॉच्ड डिस्क और रियर गैंग में प्लेन डिस्क का उपयोग किया गया है। नॉच्ड डिस्क मिट्टी को काटने और कठोर अवशेषों को तोड़ने में मदद करती है, जबकि प्लेन डिस्क मिट्टी को समतल करने और अच्छे से मिलाने का काम करती है। इस संयोजन से खेत की जुताई अधिक प्रभावी और संतुलित होती है।
इन सभी मॉडलों में डिस्क का डायमीटर 510 mm, 610 mm और 660 mm के विकल्प में उपलब्ध है। अलग-अलग डायमीटर के कारण किसान अपनी जरूरत और मिट्टी की स्थिति के अनुसार सही डिस्क चुन सकते हैं। बड़ी डिस्क गहरी जुताई के लिए उपयुक्त होती है, जबकि छोटी डिस्क हल्की मिट्टी और सामान्य जुताई के लिए सही रहती है। कटिंग की चौड़ाई भी हर मॉडल में अलग है, जैसे FK-CDH16 की लगभग 1912 mm, FK-CDH18 की 2218 mm, FK-CDH20 की 2345 mm, FK-CDH22 की 2562 mm और FK-CDH24 की 2778 mm है। अधिक कटिंग चौड़ाई होने से कम समय में ज्यादा क्षेत्र में जुताई संभव होती है, जिससे समय और ईंधन की बचत होती है।
सभी मॉडलों में डिस्क के बीच की दूरी 228 mm रखी गई है, जिससे मिट्टी का प्रवाह बेहतर रहता है और जाम होने की समस्या कम होती है। सही दूरी होने से मिट्टी, फसल अवशेष और खरपतवार आसानी से निकल जाते हैं। बेयरिंग हब की संख्या मॉडल के अनुसार अलग-अलग है। FK-CDH16 में 6 बेयरिंग हब, FK-CDH18 में 8, जबकि FK-CDH20, FK-CDH22 और FK-CDH24 में 8 बेयरिंग हब स्प्लिट गैंग के साथ दिए गए हैं। स्प्लिट गैंग सिस्टम से मशीन की कार्यक्षमता बढ़ती है और रख-रखाव आसान हो जाता है। इससे डिस्क की मूवमेंट स्मूथ रहती है और घर्षण कम होता है।
इन मॉडलों का वजन उनकी क्षमता और मजबूती के अनुसार तय किया गया है। FK-CDH16 का वजन लगभग 840 kg, FK-CDH18 का 960 kg, FK-CDH20 का 1025 kg, FK-CDH22 का 1095 kg और FK-CDH24 का 1170 kg है। ज्यादा वजन होने से मशीन जमीन में बेहतर पकड़ बनाती है और डिस्क सही गहराई तक काम कर पाती हैं। यह स्थिरता जुताई की गुणवत्ता को बढ़ाती है और खेत को समान रूप से तैयार करने में मदद करती है। भारी वजन के बावजूद मशीन का संतुलन ऐसा रखा गया है कि ट्रैक्टर पर अधिक दबाव न पड़े और संचालन सुचारू बना रहे।
इन सभी मॉडलों के लिए अलग-अलग ट्रैक्टर पावर की आवश्यकता निर्धारित की गई है। FK-CDH16 के लिए 50–60 hp, FK-CDH18 के लिए 60–70 hp, FK-CDH20 के लिए 70–80 hp, FK-CDH22 के लिए 90–100 hp और FK-CDH24 के लिए 105–125 hp ट्रैक्टर उपयुक्त माना गया है। सही पावर के ट्रैक्टर के साथ उपयोग करने पर मशीन अपनी पूरी क्षमता से काम करती है और ईंधन की खपत भी संतुलित रहती है। यह रेंज छोटे, मध्यम और बड़े किसानों सभी के लिए उपयोगी है। अलग-अलग मॉडल उपलब्ध होने से किसान अपने खेत के आकार और ट्रैक्टर की क्षमता के अनुसार सही डिस्क हैरो चुन सकते हैं, जिससे खेती का काम तेज, आसान और अधिक प्रभावी बनता है।
ट्रैक्टरचॉइस प्लेटफॉर्म पर आप खेती किसानी से जुड़ी सभी खबरें जान सकते हैं और इस पोर्टल पर आपको महिंद्रा, सोनालीका और मैसी फर्ग्युसन आदि ट्रैक्टर ब्रांड्स के ट्रैक्टर और इम्प्लीमेंट के बारे में सही व सटीक जानकारी मिलेगी।
महिंद्रा के इम्प्लीमेंट्स भारतीय किसानों के लिए मजबूत, भरोसेमंद और उपयोग में आसान कृषि उपकरणों के रूप में प्रसिद्ध हैं। ये उपकरण खेती की पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं, चाहे वह भूमि की तैयारी हो, बुआई हो, फसल की सुरक्षा हो, कटाई हो या फिर पोस्ट-हार्वेस्ट कार्य। महिंद्रा द्वारा बनाए गए रोटावेटर, डिस्क प्लाऊ, कल्टीवेटर, सीड कम फर्टिलाइज़र ड्रिल, स्प्रेयर, स्ट्रॉ रीपर, थ्रेशर, बेलर, ट्रेलर, फ्रंट लोडर और वर्टीकल कन्वेयर रिपर जैसे उपकरण खेती के कार्यों को तेज, सटीक और कम लागत में पूरा करने में सहायक होते हैं।
इन सभी इम्प्लीमेंट्स को भारतीय मिट्टी, जलवायु और कृषि परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इनकी बनावट मजबूत स्टील और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से की जाती है, जिससे ये लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं। महिंद्रा ट्रैक्टरों के साथ इनकी बेहतर संगतता के कारण ऑपरेशन आसान होता है, रख-रखाव सरल बनता है और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
वर्टीकल कन्वेयर रिपर एक आधुनिक कृषि उपकरण है, जिसका उपयोग फसल को जमीन से उठाने, मिट्टी से अलग करने और मशीन के अंदर सही दिशा में ऊपर की ओर ले जाने के लिए किया जाता है। इसमें खड़े (वर्टीकल) रूप में लगे रिपर या ब्लेड होते हैं, जो मिट्टी में फंसी हुई फसल को ढीला करते हैं। इसके बाद कन्वेयर बेल्ट की सहायता से फसल को ऊपर की ओर ट्रांसफर किया जाता है।
यह मशीन खासतौर पर उन फसलों के लिए उपयोगी होती है, जो मिट्टी में गहराई तक जुड़ी होती हैं या कटाई के समय मिट्टी से चिपकी रहती हैं। वर्टीकल कन्वेयर रिपर का मुख्य उद्देश्य फसल को बिना नुकसान पहुँचाए साफ-सुथरे और सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना है।
इस मशीन का कार्य सिद्धांत सरल लेकिन प्रभावी होता है। सबसे पहले रिपर या ब्लेड मिट्टी में प्रवेश करते हैं और फसल के आसपास की मिट्टी को ढीला करते हैं। इसके बाद फसल कन्वेयर बेल्ट पर आ जाती है, जो उसे ऊपर की ओर ले जाती है। इस प्रक्रिया में मिट्टी नीचे गिर जाती है और फसल साफ होकर आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार हो जाती है।
इस प्रकार यह मशीन कटाई और लोडिंग प्रक्रिया को तेज बनाती है, श्रम की बचत करती है और फसल की गुणवत्ता को बनाए रखती है।
वर्टीकल कन्वेयर रिपर ट्रैक्टर के रियर या फ्रंट PTO से 540 RPM पर संचालित होती है। इसमें 7 क्रॉप डिवाइडर लगे होते हैं, जो फसल को सही दिशा में विभाजित कर मशीन के अंदर ले जाने में मदद करते हैं। इसकी कार्य चौड़ाई 2280 मिमी है, जिससे यह कम समय में बड़े क्षेत्र में काम कर सकती है।
इसका मुख्य फ्रेम 100 × 100 साइज का मजबूत बनाया गया है, जो मशीन को अतिरिक्त मजबूती और स्थिरता प्रदान करता है। इसमें 3 कन्वेयर लगे होते हैं, जो फसल के सुचारू और लगातार संचालन में सहायक होते हैं। मल्टी-कन्वेयर सिस्टम के कारण फसल का प्रवाह बिना रुकावट बना रहता है और मशीन की कार्यक्षमता बढ़ जाती है।
यह मशीन 22.4 kW (30 HP) से लेकर 44.7 kW (60 HP) तक के ट्रैक्टरों के लिए उपयुक्त है। इसका मतलब है कि छोटे और मध्यम श्रेणी के ट्रैक्टरों के साथ भी इसका उपयोग आसानी से किया जा सकता है। विभिन्न क्षमता वाले ट्रैक्टरों के साथ इसकी संगतता इसे किसानों के लिए एक बहुउपयोगी उपकरण बनाती है।
वर्टीकल कन्वेयर रिपर एक ट्रैक्टर PTO संचालित मशीन है, जिसे ट्रैक्टर के सामने की ओर लगाया जाता है। इसका डिजाइन इस प्रकार किया गया है कि यह तीन नंबर के सिस्टम के कारण बेहतर कार्य दक्षता प्रदान करती है। ट्रैक्टर के सामने लगने से ऑपरेटर को बेहतर दृश्यता मिलती है, जिससे काम अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।
इसे ट्रैक्टर पर चढ़ाना और उतारना बहुत ही सरल है, जिससे समय की बचत होती है और मशीन को जल्दी से खेत में काम के लिए तैयार किया जा सकता है।
इस मशीन की एक बड़ी खासियत यह है कि ट्रैक्टर पर कम लोड पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत कम होती है। इसके कारण परिचालन लागत घटती है और किसान को अधिक लाभ मिलता है। साथ ही इसका ऑपरेटिंग सिस्टम सरल और सुचारू होता है, जिससे कम अनुभव वाले ऑपरेटर भी इसे आसानी से चला सकते हैं।
वर्टीकल कन्वेयर रिपर को ट्रैक्टर के सामने चेसिस पर मजबूती से फिक्स किया जाता है। इससे कार्य के दौरान मशीन में बेहतर स्थिरता और संतुलन बना रहता है। असमतल जमीन पर भी यह मशीन प्रभावी ढंग से काम करती है। मजबूत फिक्सिंग के कारण कंपन कम होता है और मशीन के पार्ट्स की उम्र बढ़ जाती है।
वर्टीकल कन्वेयर रिपर किसानों को समय, श्रम और लागत तीनों की बचत कराती है। यह मशीन फसल को नुकसान पहुँचाए बिना सुरक्षित तरीके से निकालती है, जिससे फसल की गुणवत्ता बनी रहती है। कटाई और लोडिंग प्रक्रिया तेज होने के कारण बड़े खेतों में भी कम समय में काम पूरा किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, वर्टीकल कन्वेयर रिपर एक आधुनिक, प्रभावी और उपयोगी कृषि उपकरण है। यह किसानों की कार्यक्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और फसल की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महिंद्रा के अन्य इम्प्लीमेंट्स की तरह ही, यह भी भारतीय कृषि परिस्थितियों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है और किसानों को बेहतर उत्पादन तथा अधिक लाभ का भरोसा देता है।
भारतीय कृषि की फलती-फूलती दुनिया में, कई उल्लेखनीय परिवर्तन हो रहे हैं। खेती विकसित हो रही है, और अधिक कुशल और उत्पादक बन रही है। इस परिवर्तन में "कृषि डिस्क हैरो इम्प्लीमेंट" की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह किसानों के कामों को आसान बनाता है और फसल की पैदावार बढ़ाता है, इस प्रकार कृषि में क्रांति लाता है।
उत्तर के विविध भू-दृश्यों से लेकर दक्षिण के धूप से भरे खेतों तक, ये ट्रैक्टर उपकरण खेती को और भी स्मार्ट और कुशल बना रहे हैं। इसके अलावा, पूरा ब्लॉग पढ़ें क्योंकि हम जानेंगे कि कैसे भारत में ये कृषि डिस्क हैरो उपकरण भारतीय खेती को नया रूप दे रहे हैं, जिससे जुताई, रोपण और कटाई अधिक कुशल हो रही है। इसके अलावा, आइए भारत में खेती के भविष्य को आकार देने वाली तकनीक को समझें।
डिस्क हैरो एक कृषि यंत्र है जिसका उपयोग मिट्टी को तैयार करने और उसे बीज बोने के लिए उपयुक्त बनाने के लिए किया जाता है। सबसे पहले, इसमें एक सपाट फ्रेम पर पंक्तियों में लगी बड़ी, नुकीली धातु की डिस्क होती हैं।
इन घुमावदार डिस्क के दाँतेदार किनारे होते हैं जो मिट्टी को काटते और तोड़ते हैं। किसान कृषि डिस्क हैरो को ट्रैक्टर या किसी अन्य वाहन से जोड़ते हैं। घूमते हुए डिस्क खेत में चलाते समय ज़मीन में धँस जाते हैं।
परिणामस्वरूप, वे मिट्टी के बड़े-बड़े ढेले तोड़ देते हैं, खरपतवार काट देते हैं और पुरानी फसलों के बचे हुए हिस्सों को हटा देते हैं। इसके अलावा, वे ज़मीन को समतल और समतल बनाते हैं। लोग बीज बोने के लिए मिट्टी को उपयुक्त बनाने के लिए डिस्क हैरो ट्रैक्टर उपकरणों का उपयोग करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह नरम और अच्छी तरह से तैयार हो।
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डिस्क हैरो खेती में महत्वपूर्ण मशीनें हैं। इसके अलावा, ये मिट्टी को रोपाई के लिए तैयार करने, खरपतवारों को नियंत्रित करने और उसे फसलों के लिए उपयुक्त बनाने में मदद करते हैं। आइए गहराई से जानें कि किसान इन बहुमुखी कृषि उपकरणों का उपयोग कैसे करते हैं।
डिस्क हैरो का उपयोग मुख्य रूप से फसल बोने के लिए मिट्टी तैयार करने के लिए किया जाता है। ये जमी हुई मिट्टी को तोड़ते हैं, खरपतवार हटाते हैं और फसल अवशेषों को मिलाते हैं, जिससे ज़मीन रोपाई के लिए अधिक उपयुक्त हो जाती है।
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डिस्क हैरो ट्रैक्टर उपकरण एक चिकनी और बारीक जुताई वाली बीज क्यारी बनाते हैं, जो बीजों के समान रोपण और अंकुरण के लिए महत्वपूर्ण है। यह मिट्टी को बीजों को ग्रहण करने के लिए तैयार करता है और फसल की एकसमान वृद्धि को बढ़ावा देता है।
खरपतवारों को काटकर और उखाड़कर, डिस्क हैरो खरपतवार नियंत्रण में मदद करते हैं। इससे खरपतवारों और फसलों के बीच पोषक तत्वों और संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा कम होती है, जिससे फसलें स्वस्थ होती हैं।
किसान मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ, उर्वरक या मृदा कंडीशनर मिलाने के लिए डिस्क हैरो का उपयोग कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि ये सामग्रियाँ समान रूप से वितरित हों, जिससे मिट्टी की उर्वरता और संरचना में वृद्धि होती है।
डिस्क हैरो ज़मीन को समतल करते हैं, जो सिंचाई और अन्य कृषि मशीनरी के संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। समतल खेत पानी के असमान वितरण को रोकते हैं और कुशल रोपण और कटाई को सुगम बनाते हैं।
डिस्क हैरो के इन उपयोगों के अलावा, यह उल्लेखनीय है कि डिस्क हैरो का उपयोग जुताई के बाद मिट्टी के बड़े ढेलों को तोड़ने और रोपण के लिए एक महीन, अधिक समरूप बीज क्यारी बनाने के लिए भी किया जाता है।
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कृषि डिस्क हैरो कई लाभ प्रदान करता है, जिनमें बेहतर मिट्टी की तैयारी, बेहतर बीज-बिस्तर की गुणवत्ता और प्रभावी खरपतवार नियंत्रण शामिल हैं। जो कि निम्नलिखित हैं :-
प्रश्न : डिस्क हैरो क्या होता है ?
उत्तर : डिस्क हैरो एक कृषि यंत्र है, जिसका उपयोग मिट्टी को तैयार करने और उसे बीज बोने के लिए उपयुक्त बनाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न : डिस्क हैरो का क्या उपयोग होता है ?
उत्तर : डिस्क हैरो का उपयोग बुवाई से पहले मिट्टी तैयार करने के लिए किया जाता है, जिसमें मिट्टी के ढेलों को तोड़ना, खरपतवारों को नष्ट करना और फसल के अवशेषों को मिट्टी में मिलाना शामिल है।
प्रश्न : डिस्क हैरो से क्या लाभ होते हैं ?
उत्तर : कृषि डिस्क हैरो कई लाभ प्रदान करता है, जिनमें बेहतर मिट्टी की तैयारी, बेहतर बीज-बिस्तर की गुणवत्ता, प्रभावी खरपतवार नियंत्रण और श्रम व लागत में कमी शामिल हैं।
भारतीय बाजार में लेजर लैंड लेवलर के टॉप 5 ब्रांडों में महिंद्रा, न्यू हॉलैंड, सोनालिका, जॉन डियर और दशमेश शामिल हैं। यह विभिन्न मॉडलों और फीचर्स के साथ आते हैं और खेती की उत्पादकता को बढ़ाने में सहयोग करते हैं।
ये उपकरण लेजर तकनीक का इस्तेमाल करके खेतों को बेहतर ढ़ंग से समतल करते हैं, जिससे मृदा में समान नमी वितरण, बेहतर अंकुरण और फसल की उपज में वृद्धि होती है।
महिंद्रा के लेजर लैंड लेवलर "धरती मित्र" नाम से जाने जाते हैं और ये खेत को समतल करने के लिए एक प्रभावी उपकरण हैं। महिंद्रा का धरती मित्र लेजर लेवलर 6.5 फीट, 7 फीट मानक बकेट, 7 फीट स्पोर्ट्स बकेट और 7 फीट स्पोर्ट्स ज़िग-ज़ैग व्हील बकेट जैसे विभिन्न मॉडलों में उपलब्ध है, जो 40/30 एचपी से अधिक ट्रैक्टरों के लिए उपयुक्त हैं।
महिंद्रा के लेजर लैंड लेवलर उन्नत तकनीक से लैस होते हैं और खेत को समतल बनाने के काम को आसान बनाते हैं, जिससे पानी की बचत होती है और उपज बढ़ती है।
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न्यू हॉलैंड लेजर लैंड लेवलर कंपनी के विभिन्न लेजर लेवलर मॉडलों और अन्य ब्रांडों को संदर्भित करता है। न्यू हॉलैंड लेजर लेवलर आमतौर पर 51-60 HP के ट्रैक्टरों के साथ उपयुक्त होते हैं और विभिन्न कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। यह ब्रांड विभिन्न प्रकार के लेज़र लैंड लेवलर प्रदान करता है जो आधुनिक कृषि के लिए आवश्यक हैं।
सोनालिका लेजर लैंड लेवलर (Sonalika Laser Land Leveler) एक आधुनिक कृषि उपकरण है, जो लेजर तकनीक का उपयोग करके ऊबड़-खाबड़ खेतों को समतल करता है, जिससे समान जल वितरण, बेहतर बीज अंकुरण और अंततः उच्च फसल उपज प्राप्त होती है। यह पानी, बिजली और समय बचाता है, साथ ही अन्य कृषि आदानों के विवेकपूर्ण उपयोग में सुधार करता है। ये उपकरण भारतीय किसानों के बजट के अनुकूल हैं और विभिन्न मॉडलों में उपलब्ध हैं।
सोनालिका के लेज़र लेवलर भी लोकप्रिय हैं और खेती को अधिक कुशल बनाने में मदद करते हैं।
जॉन डियर लेजर लैंड लेवलर एक आधुनिक कृषि उपकरण है जो खेत को समतल करने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग करता है, जिससे समान जल वितरण, बीज अंकुरण और फसल की पैदावार बढ़ती है, साथ ही पानी और उर्वरक की बचत होती है।
यह एक तकनीकी रूप से उन्नत ट्रैक्टर संलग्नक है जो लेजर बीम का उपयोग करके वांछित ढलान पर खेत को सटीक रूप से समतल करता है। यह ब्रांड लेजर लैंड लेवलर के लोकप्रिय मॉडलों में से एक है, जो खेतों को समतल करने के लिए एक सटीक समाधान प्रदान करता है।
दशमेश लेजर लैंड लेवलर दसमेश मैकेनिकल वर्क्स द्वारा बनाया गया एक कृषि उपकरण है जो खेत को लेजर तकनीक से समतल करता है। यह कृषि उत्पादकता में सुधार करता है, पानी और उर्वरकों की बचत करता है, और खेत में खादों के बेहतर वितरण में मदद करता है। दशमेश 974 एक लोकप्रिय मॉडल है, जो नवीनतम तकनीक और मजबूत सामग्री से बना है। दशमेश के लेजर लैंड लेवलर भी भारत में काफी पसंद किए जाते हैं और कृषि कार्यों को प्रभावी बनाते हैं।
प्रश्न : लेजर लैंड लेवलर खेत को एकसार करने में क्या भूमिका निभाता है ?
उत्तर : सटीक समतलीकरण लेजर किरण का उपयोग करके खेत के हर हिस्से को बिल्कुल एकसार किया जाता है।
प्रश्न : लेजर लैंड लेवलर से सिंचाई में क्या लाभ होता है ?
उत्तर : खेत में पानी का समान वितरण होने से पानी की बर्बादी नहीं होती है।
प्रश्न : लेजर लैंड लेवलर से बीज अंकुरण में क्या लाभ होता है ?
उत्तर : समान रूप से समतल जमीन से बीज बेहतर ढ़ंग से अंकुरित होते हैं।
प्रश्न : लेजर लैंड लेवलर से उत्पादन में कितनी वृद्धि होती है ?
उत्तर : लेजर लैंड लेवलर से कुशल समतलीकरण के चलते फसल की पैदावार में बढ़ोतरी होती है।