31 अक्टूबर 2026 तक कराना होगा पंजीकरण, CCI करेगा कपास की सरकारी खरीद

By: Tractor Choice Published on: 02-Oct-2026
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कपास किसानों के लिए जरूरी है ऑनलाइन पंजीकरण

गुजरात के कपास किसानों के लिए आगामी कपास खरीद सीजन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यदि किसान अपनी कपास की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर सरकारी व्यवस्था के तहत बेचना चाहते हैं, तो उन्हें पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना पंजीकरण पूरा करना होगा। राज्य में सरकारी कपास खरीद की व्यवस्था को डिजिटल माध्यम से अधिक व्यवस्थित करने के लिए ‘कपास किसान’ मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण की सुविधा दी गई है। 

किसानों को इस ऐप पर अपना पंजीकरण 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना होगा। निर्धारित तारीख के बाद पंजीकरण को लेकर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए उन्हें अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करने की सलाह दी गई है। डिजिटल पंजीकरण का उद्देश्य किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ना और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा सुविधाजनक बनाना है। जो किसान आगामी सीजन में MSP पर कपास बेचने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए समय पर पंजीकरण कराना सबसे महत्वपूर्ण तैयारियों में से एक है।

CCI करेगा MSP पर कपास की सरकारी खरीद

गुजरात में किसानों से MSP पर कपास की सरकारी खरीद कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से की जाएगी। सरकारी खरीद व्यवस्था में शामिल होने के लिए किसानों का पंजीकरण आवश्यक होगा। ‘कपास किसान’ ऐप के माध्यम से किसानों का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा, जिससे खरीद प्रक्रिया को पहले से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। डिजिटल व्यवस्था के जरिए किसानों और खरीद केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

पंजीकृत किसानों को सरकारी खरीद से संबंधित जरूरी सूचनाएं भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों को खरीद केंद्र, खरीद कार्यक्रम और MSP पर सरकारी खरीद से जुड़ी जानकारी समय पर प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। इस व्यवस्था का एक उद्देश्य खरीद केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ और लंबे इंतजार को कम करना भी है। इसलिए MSP पर अपनी कपास बेचने की तैयारी कर रहे किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐप पर पंजीकरण पूरा करना जरूरी है।

कपास किसान ऐप पर मिलेंगी खरीद से जुड़ी जानकारियां

‘कपास किसान’ मोबाइल ऐप को केवल पंजीकरण का माध्यम नहीं बनाया गया है, बल्कि इसके जरिए किसानों को कपास की सरकारी खरीद से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। पंजीकृत किसानों को खरीद केंद्रों से जुड़ी जानकारी, खरीद का शेड्यूल और MSP पर कपास खरीद से संबंधित नीतिगत सूचनाएं डिजिटल माध्यम से मिल सकेंगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने की तैयारी पहले से करने में मदद मिलेगी। 

सामान्य तौर पर खरीद केंद्रों पर किसानों की अधिक संख्या होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है। डिजिटल पंजीकरण और खरीद की पूर्व व्यवस्था से इस तरह की परेशानी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वे ऐप पर अपना विवरण सही तरीके से दर्ज करें और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि करें। यदि किसी किसान को पंजीकरण के दौरान तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो उसके लिए सहायता की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।

लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल

सरकारी खरीद के लिए कपास की गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग MSP निर्धारित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। वहीं मीडियम स्टेपल कपास के लिए MSP 8,267 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसका मतलब है कि कपास की संबंधित गुणवत्ता और निर्धारित सरकारी मानकों के अनुसार किसानों को MSP पर बिक्री की सुविधा मिल सकती है। 

हालांकि सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले पंजीकरण सहित निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। किसान अपनी उपज की गुणवत्ता और सरकारी खरीद के लिए लागू नियमों की जानकारी पहले से प्राप्त कर सकते हैं। CCI की खरीद व्यवस्था से संबंधित जानकारी और खरीद केंद्रों के बारे में भी किसानों को आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। समय पर पंजीकरण कराने से किसान आगामी खरीद सीजन के लिए अपनी तैयारी पूरी कर सकेंगे।

रजिस्ट्रेशन में परेशानी हो तो WhatsApp से मिलेगी मदद

‘कपास किसान’ ऐप पर पंजीकरण करते समय यदि किसी किसान को तकनीकी समस्या या किसी अन्य प्रकार की परेशानी होती है, तो सहायता के लिए WhatsApp सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसान +91 9428237246 नंबर पर संपर्क करके पंजीकरण से संबंधित मदद ले सकते हैं। इसके अलावा कपास की सरकारी खरीद, खरीद केंद्रों और MSP से संबंधित जानकारी के लिए CCI की आधिकारिक वेबसाइट का भी उपयोग किया जा सकता है। 

किसानों के लिए जरूरी है कि वे पंजीकरण करते समय सही जानकारी दर्ज करें और अंतिम तारीख से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें। आखिरी समय में पंजीकरण करने पर तकनीकी समस्या या अधिक संख्या में आवेदन होने की स्थिति में परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए किसानों को जल्द से जल्द ऐप डाउनलोड करके आवश्यक विवरण की जांच करने और अपना पंजीकरण पूरा करने की सलाह दी गई है। समय पर पंजीकरण होने से किसान सरकारी खरीद व्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

कपास उत्पादकता बढ़ाने के लिए 134.80 करोड़ का बजट

गुजरात में सरकार की तैयारी केवल MSP पर कपास खरीद तक सीमित नहीं है। राज्य में कपास की उत्पादकता बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘कपास उत्पादकता मिशन’ के तहत भी सहायता देने का प्रावधान किया गया है। चालू वर्ष में गुजरात के लिए इस मिशन के तहत 134.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। मिशन के अंतर्गत राज्य के 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। 

आधुनिक तकनीक अपनाने वाले पात्र किसानों को अलग-अलग श्रेणियों के तहत इनपुट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य कपास की खेती में नई तकनीकों को बढ़ावा देना और किसानों को उत्पादन संबंधी बेहतर पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। किसानों को योजना का लाभ लेने से पहले पात्रता और निर्धारित तकनीकी शर्तों की जानकारी प्राप्त करनी होगी।

कम दूरी की बुवाई पर 14 हजार और ICM पर 7,500 रुपये सहायता

कपास उत्पादकता मिशन के प्रदर्शन घटक के तहत आधुनिक खेती की विभिन्न तकनीकों को अपनाने वाले किसानों को इनपुट सहायता दी जाएगी। Closer Spacing Technology यानी कम दूरी पर कपास की बुवाई करने वाले पात्र किसानों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता का प्रावधान है। इस तकनीक के लिए कपास की बुवाई 90 सेंटीमीटर × 30 सेंटीमीटर की दूरी पर करनी होगी। 

इसके अलावा Integrated Crop Management (ICM) पद्धति अपनाने वाले किसानों के लिए 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की इनपुट सहायता निर्धारित की गई है। ICM पद्धति के तहत कपास की बुवाई 90 सेंटीमीटर × 60 सेंटीमीटर की दूरी पर करने की शर्त बताई गई है। हालांकि एक किसान को एक वर्ष में अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक ही इस सहायता का लाभ मिल सकेगा। इसलिए आवेदन करने वाले किसानों को तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी होगा।

योजना का लाभ लेने के लिए इन शर्तों का रखें ध्यान

कपास उत्पादकता मिशन के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए किसानों को निर्धारित पात्रता शर्तों का पालन करना होगा। योजना का लाभ लेने वाले किसानों को सरकार की ओर से अनुमोदित या प्रमाणित कपास की किस्मों अथवा स्वीकृत Bt Cotton बीजों का इस्तेमाल करना होगा। इसके साथ ही किसान की Farmer Registry पूरी होना भी आवश्यक बताया गया है। इस तरह गुजरात के कपास किसानों के लिए आगामी सीजन में दो स्तर पर तैयारी जरूरी है। 

पहला, जो किसान अपनी कपास की उपज MSP पर CCI की सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत बेचना चाहते हैं, उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक ‘कपास किसान’ ऐप पर पंजीकरण पूरा करना होगा। दूसरा, आधुनिक तकनीक से कपास की खेती करने वाले किसानों को उत्पादकता मिशन के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित बुवाई पद्धति, प्रमाणित बीज और Farmer Registry जैसी शर्तों को पूरा करना होगा। समय पर पंजीकरण और योजना की पात्रता संबंधी नियमों का पालन करके किसान सरकारी खरीद तथा उपलब्ध कृषि सहायता योजनाओं का लाभ लेने की तैयारी कर सकते हैं।

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