हरियाणा सरकार ने बजट 2026–27 में कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए व्यापक घोषणाएं की हैं। यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वित्त आयुक्त एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट में फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, डेयरी विकास, कृषि बिजली आपूर्ति और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार का कहना है, कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का रोडमैप है। बोनस, अनुदान, बीमा, अवसंरचना विकास और कौशल प्रशिक्षण जैसे प्रावधानों के माध्यम से राज्य को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ट्रैक्टर चॉइस के इस लेख में जानिए कि किसानों के लिए हरियाणा सरकार ने अपने बजट में क्या कुछ दिया है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा
धान की खेती में अधिक पानी की खपत को देखते हुए सरकार ने फसल विविधीकरण को प्राथमिकता दी है। जो किसान धान की जगह दालें, तिलहन या कपास की खेती करेंगे, उन्हें ₹2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। इससे किसानों को नई फसलों की ओर प्रोत्साहन मिलेगा और भूजल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
देसी कपास पर विशेष प्रोत्साहन
कपास उत्पादकों को राहत देते हुए देसी कपास प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर ₹4,000 प्रति एकड़ कर दिया गया है। इससे कपास की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
प्राकृतिक और जैविक खेती को समर्थन
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एपीडा प्रमाणित किसानों को ₹10,000 प्रति एकड़ वार्षिक अनुदान देने की घोषणा की गई है। APEDA (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) से प्रमाणित किसानों को यह लाभ मिलेगा। इससे जैविक उत्पादों के निर्यात और बाजार मूल्य में बढ़ोतरी की संभावना है।
नलकूपों की गुणवत्ता जांच
राज्य में 8 लाख नलकूपों की गुणवत्ता जांच के लिए तीन वर्षीय योजना शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे कृषि उत्पादन की स्थिरता बनी रहेगी।
ग्रामीण हाट और एफपीओ को मजबूती
सरकार ग्रामीण हाट मंडियों की स्थापना करेगी और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को सशक्त बनाएगी। इससे छोटे किसानों को सामूहिक विपणन का लाभ मिलेगा और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
बागवानी बीमा योजना में सुधार
बागवानी बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि बढ़ाई जाएगी। प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है।
मत्स्य, मधुमक्खी और डेयरी क्षेत्र को प्रोत्साहन
मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और डेयरी क्षेत्र में नई प्रयोगशालाएं, प्रसंस्करण इकाइयां और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे कृषि के सहायक व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ेंगे।
‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ की स्थापना
कृषि बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ नामक नई बिजली वितरण कंपनी बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध होगी।
हरियाणा सरकार ने डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मानते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
नए दुग्ध संयंत्र
रेवाड़ी और अंबाला में 300-300 करोड़ रुपये की लागत से दो नए दुग्ध संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक संयंत्र की प्रसंस्करण क्षमता पांच लाख लीटर प्रतिदिन होगी। इससे दुग्ध उत्पादन को बाजार से सीधा जोड़ने में मदद मिलेगी और पशुपालकों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
नए पशु चिकित्सालय
प्रदेश में 7 नए पशु चिकित्सालय खोले जाएंगे। इससे पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी और पशुओं की उत्पादकता में वृद्धि होगी।
महामारी विज्ञान केंद्र की स्थापना
Hisar में हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र पशुओं में फैलने वाली बीमारियों की निगरानी और रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पशुपालन प्रशिक्षण केंद्र
हिसार में एक बहुउद्देश्यीय पशुपालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, रोग नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे डेयरी क्षेत्र में उत्पादकता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) को वित्तीय सहायता और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ऋण और अनुदान योजनाओं को सरल बनाया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत विधवा, वृद्ध और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सहायता राशि बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत होगी।
राज्य सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास को प्राथमिकता दी है। नए प्रशिक्षण केंद्र, आईटीआई उन्नयन और स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।
कृषि आधारित उद्योगों और प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार से ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे पलायन कम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कृषि बिजली आपूर्ति सुधारने के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों, मंडियों और भंडारण सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया है। बेहतर अवसंरचना से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और समय पर बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ के माध्यम से कृषि क्षेत्र को अलग से बिजली प्रबंधन प्रणाली दी जाएगी, जिससे बिजली कटौती की समस्या कम होने की उम्मीद है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
यह बजट केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने का व्यापक प्रयास है। फसल विविधीकरण, जैविक खेती, डेयरी विस्तार और सहायक व्यवसायों के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि यदि कृषि क्षेत्र मजबूत होगा तो राज्य की अर्थव्यवस्था भी स्थिर और समृद्ध बनेगी।
हरियाणा बजट 2026–27 किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए राहत और अवसरों का दस्तावेज है। फसल विविधीकरण से लेकर प्राकृतिक खेती, डेयरी विकास, बिजली सुधार और सामाजिक सुरक्षा तक, हर क्षेत्र में ठोस कदम उठाए गए हैं। यदि ये घोषणाएं प्रभावी रूप से लागू होती हैं, तो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि संभव होगी। यह बजट हरियाणा को कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: हरियाणा बजट 2026–27 में फसल विविधीकरण के लिए किसानों को क्या प्रोत्साहन दिया गया है?
उत्तर: जो किसान धान की जगह दालें, तिलहन या कपास की खेती करेंगे, उन्हें ₹2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पानी की बचत और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
प्रश्न 2: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्या घोषणा की है?
उत्तर: एपीडा प्रमाणित किसानों को ₹10,000 प्रति एकड़ वार्षिक अनुदान दिया जाएगा। इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त होगा।
प्रश्न 3: डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं?
उत्तर: रेवाड़ी और अंबाला में 300-300 करोड़ रुपये की लागत से दो नए दुग्ध संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिनकी क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी। साथ ही 7 नए पशु चिकित्सालय और हिसार में पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी।
प्रश्न 4: ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
उत्तर: ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ एक नई प्रस्तावित बिजली वितरण कंपनी है, जिसका उद्देश्य किसानों को निर्बाध और बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 5: बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?
उत्तर: महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने की घोषणा की गई है। युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उपाय किए गए हैं।