अब हरियाणा में खरीद-बिक्री के लिए कच्ची पर्ची की जगह J-फॉर्म अनिवार्य

By: Tractor Choice Published on: 13-Apr-2026
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“कच्ची पर्ची” पर पूरी तरह रोक

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने प्रदेश की सभी मंडियों के लिए एक सख्त नियम लागू किया है। अब मंडियों में “कच्ची पर्ची” यानी अनौपचारिक पर्चियों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। पहले कई जगहों पर फसल की खरीद-बिक्री बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के होती थी, जिससे लेन-देन पारदर्शी नहीं रहता था। इस नई व्यवस्था के तहत अब हर सौदा केवल वैध दस्तावेज के आधार पर ही किया जाएगा। इससे मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

अब हर सौदे के लिए J-फॉर्म अनिवार्य

नई व्यवस्था के अनुसार अब हर किसान और व्यापारी को फसल की खरीद-बिक्री के लिए J-फॉर्म का उपयोग करना अनिवार्य होगा। J-फॉर्म एक कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें सौदे से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज होती है। इसमें किसान का नाम, फसल का प्रकार, मात्रा, कीमत और खरीददार की जानकारी शामिल होती है। इससे भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध रहेगा और किसान को अपने अधिकारों की रक्षा करने में आसानी होगी।

किसानों की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला

इस फैसले के पीछे किसानों की लगातार मिल रही शिकायतें मुख्य कारण रही हैं। कई किसानों ने बताया कि कुछ आढ़ती (कमीशन एजेंट) खरीद के समय “कच्ची पर्ची” का इस्तेमाल करते थे, जिनकी कोई कानूनी मान्यता नहीं होती थी। इससे किसानों के पास अपने सौदे का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं होता था। मंडी बोर्ड ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए J-फॉर्म को अनिवार्य करने का निर्णय लिया।

विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को भारी नुकसान

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार “कच्ची पर्ची” प्रणाली के कारण किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि इस व्यवस्था के चलते किसानों को 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता था। बिना रिकॉर्ड के सौदों में अक्सर सही कीमत नहीं मिलती थी और भुगतान में भी देरी होती थी। नई व्यवस्था से इस तरह के नुकसान पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों और आढ़तियों को सख्त निर्देश

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद मंडी बोर्ड ने सभी मंडी सचिवों और अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे इस नियम का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, आढ़तियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी स्थिति में “कच्ची पर्ची” का उपयोग न करें। यदि कोई एजेंट इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

24 घंटे खुली रहेंगी मंडियां

किसानों को राहत देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब चरखी दादरी जैसे क्षेत्रों में रबी सीजन के दौरान मंडियां 24 घंटे खुली रहेंगी। पहले किसानों को तय समय पर ही अपनी फसल लेकर आना पड़ता था, जिससे लंबी कतारें लग जाती थीं। नई व्यवस्था में किसान दिन या रात किसी भी समय अपनी फसल मंडी में ला सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और भीड़भाड़ भी कम होगी।

अधिक नमी के कारण गेहूं खरीद में देरी

वर्तमान में मंडियों में आ रहा गेहूं अधिक नमी वाला है, जिसके कारण सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं। जब नमी का स्तर तय मानकों के अनुसार हो जाएगा, तभी खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे किसानों को उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिल सकेंगे।

किसानों को मिलेगा लाभ और पारदर्शिता

इन सभी बदलावों से किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है। J-फॉर्म के जरिए अब हर सौदे का स्पष्ट रिकॉर्ड रहेगा, जिससे किसानों को सही कीमत और भुगतान में पारदर्शिता मिलेगी। साथ ही, 24 घंटे खुली मंडियों के कारण किसानों को लंबी प्रतीक्षा से भी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, यह कदम मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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प्रश्नोत्तरी

प्रश्न: हरियाणा की मंडियों में किस चीज़ पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है ?

उत्तर: “कच्ची पर्ची” (अनौपचारिक पर्चियों) के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रश्न: अब फसल की खरीद-बिक्री के लिए कौन-सा दस्तावेज अनिवार्य किया गया है ?

उत्तर: अब हर लेन-देन के लिए J-फॉर्म अनिवार्य किया गया है।

प्रश्न: “कच्ची पर्ची” के कारण किसानों को कितना नुकसान हो सकता था ?

उत्तर: किसानों को लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता था।

प्रश्न: नियम का उल्लंघन करने वाले आढ़तियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी ?

उत्तर: नियम तोड़ने पर आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्न: किसानों को राहत देने के लिए मंडियों में क्या नई सुविधा शुरू की गई है ?

उत्तर: रबी सीजन में कुछ मंडियां 24 घंटे खुली रहेंगी, जिससे किसान कभी भी फसल ला सकेंगे।

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