मध्य प्रदेश में डेयरी विकास को रफ्तार, NDDB से हुआ बड़ा समझौता

By: Tractor Choice Published on: 10-Apr-2026
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मध्य प्रदेश सरकार का पशुपालकों के प्रति सराहनीय कदम

मध्य प्रदेश में पशुपालकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने डेयरी और पशुपालन सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ एक अहम करार किया है। इस समझौते के तहत राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाएगा।

यह करार मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (MPSCMF) और NDDB के बीच हुआ है, जिसका सीधा लाभ राज्य की प्रमुख दुग्ध सहकारी संस्था ‘सांची’ को मिलेगा। गौरतलब है, कि इससे पहले भी राज्य सरकार और NDDB के बीच डेयरी सेक्टर को लेकर समझौता हो चुका है, लेकिन इस बार इसे और व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

7 पॉइंट प्लान से बदलेगा डेयरी सेक्टर

राज्य सरकार ने पशुपालकों की आय बढ़ाने और डेयरी सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए 7 प्रमुख बिंदुओं पर काम शुरू किया है। इसमें सबसे ज्यादा जोर प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर दिया जा रहा है। जिन पशुओं का दूध उत्पादन कम है, उनका नस्ल सुधार कार्यक्रम के जरिए उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही दूध की गुणवत्ता सुधारने और सहकारी समितियों के जरिए दूध खरीद बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

वर्तमान में कई पशुपालक निजी डेयरियों को दूध बेचते हैं, लेकिन अब उन्हें दुग्ध सहकारी समितियों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। सरकार दूध की खरीद के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और भुगतान प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी बढ़ा रही है। पशुओं के पोषण में सुधार के लिए बेहतर क्वालिटी का चारा और फीड प्लांट स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

पशुपालकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

इस योजना के तहत पशुपालकों को कई आधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी है। दूध उत्पादन और नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination), एम्ब्रियो ट्रांसप्लांट (भ्रूण स्थानांतरण) और सैक्स सॉर्टेड सीमन जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि ये सुविधाएं पशुपालकों तक उनके घर या पशु बाड़े तक पहुंचाई जाएं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और समय की बचत हो सके।

पशु स्वास्थ्य और तकनीक पर जोर

पशुपालन को लाभकारी बनाने के लिए पशुओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए पशु चिकित्सकों (वेटरिनेरियन) की उपलब्धता बढ़ाने और इलाज की सुविधा को गांव स्तर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, पशुपालकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी।

गोबर से भी होगी कमाई

सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम कर रही है। इसके तहत पशुओं के गोबर का उपयोग बायोगैस बनाने में किया जाएगा, जिससे ऊर्जा के साथ-साथ अतिरिक्त आय का भी स्रोत तैयार होगा। यह पहल न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक साबित होगी।

सांची को मिलेगा बड़ा फायदा

इस पूरे करार का सबसे बड़ा लाभ ‘सांची’ दुग्ध संघ को मिलने वाला है। NDDB के सहयोग से सांची की संरचना, संचालन और गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे यह और मजबूत बन सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो मध्य प्रदेश का डेयरी सेक्टर नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है और पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

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प्रश्नोत्तरी

प्रश्न: मध्य प्रदेश सरकार और NDDB के बीच क्या करार हुआ है ?

उत्तर: मध्य प्रदेश सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए करार हुआ है, जिसका उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना, गुणवत्ता सुधारना और पशुपालकों की आय बढ़ाना है।

प्रश्न: मध्य प्रदेश सरकार और NDDB के बीच करार से पशुपालकों को क्या फायदा होगा ?

उत्तर: इस करार से पशुपालकों को बेहतर दूध उत्पादन तकनीक, समय पर भुगतान, आधुनिक सुविधाएं और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी।

प्रश्न: जानिए 7 पॉइंट प्लान क्या है ?

उत्तर: पॉइंट प्लान के तहत प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाना, नस्ल सुधार, दूध की गुणवत्ता सुधार, सहकारी खरीद बढ़ाना, टेक्नोलॉजी का उपयोग, बेहतर पशु पोषण और फीड प्लांट विकसित करना शामिल है।

प्रश्न: पशुपालकों को कौन-कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी?

उत्तर: पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, एम्ब्रियो ट्रांसप्लांट, सैक्स सॉर्टेड सीमन, पशु चिकित्सा सेवाएं और डिजिटल पेमेंट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

प्रश्न: क्या इस योजना से दूध उत्पादन बढ़ेगा ?

उत्तर: हाँ, नस्ल सुधार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कुल उत्पादन में वृद्धि होगी।

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