राजस्थान सरकार खेती में उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज की गुणवत्ता को सबसे महत्वपूर्ण मान रही है। इसी कारण किसानों को बेहतर और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि अच्छी गुणवत्ता का बीज ही बेहतर फसल उत्पादन की नींव होता है। इसलिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को मुफ्त या अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
संकर मक्का बीज मिनिकिट वितरण की पहल
मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार किसानों को संकर मक्का बीज के मिनिकिट वितरित कर रही है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह बीज किसानों को निःशुल्क दिए जा रहे हैं। संकर बीजों का उपयोग करने से फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है। सरकार की इस योजना से किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही मक्का उत्पादन वाले क्षेत्रों में खेती को और मजबूत बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
वर्ष 2025-26 में बड़े स्तर पर वितरण
वर्ष 2025-26 के दौरान कई जिलों में किसानों को बड़ी संख्या में मक्का बीज मिनिकिट वितरित किए गए। डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, सिरोही और बारां जैसे जिलों के जनजातीय किसानों को 8,26,219 मिनिकिट दिए गए। इसके अलावा इन जिलों के गैर-जनजातीय किसानों को भी 2,26,643 मिनिकिट उपलब्ध कराए गए। इस तरह कुल मिलाकर 10,52,862 मक्का बीज मिनिकिट मुफ्त वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त अजमेर, ब्यावर, बूंदी, भीलवाड़ा और झालावाड़ जिलों के किसानों को भी 96,882 मिनिकिट प्रदान किए गए।
वर्ष 2026-27 में 8.5 लाख किसानों को लाभ
सरकार ने आगामी वर्ष 2026-27 के लिए भी मक्का उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति और सहरिया क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को विशेष रूप से लाभ दिया जाएगा। डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, सिरोही और बारां जिलों में लगभग 8.5 लाख किसानों को मुफ्त संकर मक्का बीज मिनिकिट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना पर करीब 85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इससे मक्का उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का सहयोग
मक्का उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना का भी लाभ लिया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के कुछ चयनित जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जिले प्रमुख हैं। इन जिलों में किसानों को 500 क्विंटल प्रमाणित मक्का बीज अनुदानित दर पर दिए जाएंगे। इससे किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी।
खेतों में मक्का फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम
किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराने के लिए लगभग 4,500 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत किसानों को निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा। खेतों में सीधे प्रदर्शन के माध्यम से किसान नई किस्मों और बेहतर खेती पद्धतियों को सीख सकेंगे। इससे उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि संकर बीजों के उपयोग से उत्पादन किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है।
बाजरा उत्पादन बढ़ाने की भी योजना
मक्का के साथ-साथ राज्य सरकार बाजरा उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2025-26 में राज्य के 28 जिलों के किसानों को कुल 7,99,900 बाजरा बीज मिनिकिट वितरित किए गए। वहीं वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत 12 हजार क्विंटल प्रमाणित बाजरा बीज अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा लगभग 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि किसान समय पर बेहतर बीज प्राप्त करें और अधिक उत्पादन हासिल कर सकें।
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