अटल भूजल योजना: किसानों को जल्द मिलेगी ₹158 करोड़ की लंबित सब्सिडी

By: Tractor Choice Published on: 21-Sep-2026
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किसानों के लिए राहत की खबर

राजस्थान के किसानों के लिए राहत की खबर है। अटल भूजल योजना के तहत लंबे समय से लंबित करीब 158 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान का रास्ता अब साफ हो गया है। राज्य सरकार ने योजना से जुड़ी बकाया राशि का भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) से करने का निर्णय लिया है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जिन्होंने योजना के तहत स्वीकृत कार्य पूरे कर लिए हैं, लेकिन उन्हें अब तक सब्सिडी की राशि नहीं मिल पाई थी। सरकार के इस फैसले के बाद पात्र किसानों को लंबित भुगतान मिलने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

राजस्थान के 17 जिलों में लागू हुई थी योजना

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से संचालित अटल भूजल योजना राजस्थान के 17 जिलों में 1 अप्रैल 2020 से लागू की गई थी। योजना का उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना था। इसके तहत किसानों को खेती से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता और सब्सिडी उपलब्ध कराई गई। योजना के माध्यम से जल संरक्षण आधारित कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ किसानों को सिंचाई की आधुनिक सुविधाएं अपनाने के लिए भी सहायता दी गई।

इन कृषि कार्यों पर मिलनी थी सब्सिडी

अटल भूजल योजना के तहत किसानों को कई तरह के स्वीकृत कार्यों के लिए सब्सिडी का प्रावधान था। इनमें फार्म पॉन्ड, डिग्गी, सिंचाई पाइपलाइन, कृषि यंत्र, फसल बदलाव मिनीकिट, फव्वारा, मिनी स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई जैसी गतिविधियां शामिल थीं। पात्र किसानों को निर्धारित नियमों और स्वीकृति के आधार पर इन कार्यों के लिए सब्सिडी दी जानी थी। कई किसानों ने अपने स्तर पर निवेश कर स्वीकृत कार्य पूरे भी कर लिए, लेकिन बाद में योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया और प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी के कारण उन्हें भुगतान नहीं मिल सका।

158 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित

राजस्थान में अटल भूजल योजना के तहत किसानों की करीब 158 करोड़ रुपये की सब्सिडी लंबे समय से लंबित थी। इसमें कृषि विभाग से संबंधित करीब 90.91 करोड़ रुपये और उद्यानिकी विभाग की करीब 66.16 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। सब्सिडी नहीं मिलने के कारण योजना के तहत पहले ही खर्च कर चुके किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब राज्य सरकार की ओर से बजट उपलब्ध कराने का निर्णय लिए जाने के बाद लंबित राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

केंद्र सरकार से भी किया गया था आग्रह

लंबित सब्सिडी के भुगतान के लिए राजस्थान सरकार की ओर से केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से कई बार आग्रह किया गया था। मुख्यमंत्री, कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष और मुख्य सचिव स्तर से भी इस मामले में पत्राचार और प्रयास किए गए। हालांकि योजना के बंद होने और प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी का हवाला देते हुए केंद्र स्तर से लंबित भुगतान करने में असमर्थता जताई गई। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने स्तर पर बकाया राशि के भुगतान का विकल्प तलाशना शुरू किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर से भुगतान का फैसला लिया

किसानों की लंबित सब्सिडी को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य स्तर से भुगतान कराने का निर्णय लिया। इसके तहत राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) से लंबित राशि जारी की जाएगी। इस फैसले से उन किसानों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने अटल भूजल योजना के तहत स्वीकृत कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरे कर लिए थे, लेकिन योजना बंद होने या प्रशासनिक कारणों से उन्हें सब्सिडी का भुगतान नहीं मिल पाया। राज्य सरकार के निर्णय से अब इन किसानों को लंबित आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

कृषि विभाग को 90.91 करोड़ रुपये का बजट

अटल भूजल योजना की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए वित्त विभाग की ओर से बजट स्वीकृत किया गया है। इसके बाद कृषि आयुक्त नरेश गोयल ने संबंधित जिला परिषदों और जिला कृषि अधिकारियों को बजट आवंटन के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को पात्र किसानों का सत्यापन जल्द पूरा करने और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल कृषि विभाग से संबंधित करीब 90.91 करोड़ रुपये की लंबित राशि के भुगतान के लिए बजट आवंटित किया गया है। वहीं उद्यानिकी विभाग की करीब 66.16 करोड़ रुपये की बकाया राशि के भुगतान के लिए भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।

सत्यापन के बाद पात्र किसानों को मिलेगा भुगतान

योजना के तहत जिन पात्र किसानों ने फार्म पॉन्ड, डिग्गी, ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर, सिंचाई पाइपलाइन, कृषि यंत्र या अन्य स्वीकृत कार्य पूरे किए थे और उनकी सब्सिडी अभी तक लंबित थी, उन्हें इस फैसले का लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार पात्र किसानों का सत्यापन और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लंबित सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। इससे किसानों को उनके निवेश की लंबित राशि प्राप्त होगी। साथ ही जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और पानी के बेहतर उपयोग पर आधारित खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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