मध्य प्रदेश में ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग केंद्र योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय, मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए निजी कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सहायक कृषि यंत्री, बड़वानी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में कुल 21 कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए इच्छुक और पात्र आवेदक 07 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन विभागीय पोर्टल www.chc.mpdage.org के माध्यम से किया जाना है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए इच्छुक युवाओं को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
कस्टम हायरिंग केंद्र योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को कृषि क्षेत्र से जुड़ा स्वरोजगार स्थापित करने का अवसर प्रदान करना है। इसके माध्यम से युवा कृषि उपकरणों की एक इकाई स्थापित कर किसानों को जरूरत के अनुसार आधुनिक मशीनरी किराये पर उपलब्ध करा सकेंगे।
इससे किसानों को महंगे कृषि उपकरण व्यक्तिगत रूप से खरीदने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें खेती के अलग-अलग कार्यों के लिए मशीनें आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
विशेष रूप से फसल अवशेष प्रबंधन, जुताई, बुवाई तथा अन्य कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। योजना ग्रामीण युवाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांवों में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। इसके अलावा आवेदक स्वयं या उसके पिता के नाम पर कृषि भूमि होना अनिवार्य रखा गया है। शैक्षणिक योग्यता के रूप में 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। पात्रता पूरी करने वाले युवाओं को आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
आवेदन के साथ सहायक कृषि यंत्री, इन्दौर के नाम से 10,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी संलग्न करना होगा। यह डीडी आवेदक के स्वयं के बैंक खाते से बनवाया जाना आवश्यक है। इसलिए आवेदन करने से पहले युवाओं को पात्रता, दस्तावेज और भुगतान से संबंधित सभी शर्तों की जानकारी ध्यानपूर्वक जांच लेने की सलाह दी गई है।
योजना के तहत स्थापित की जाने वाली कस्टम हायरिंग इकाई की कुल लागत 25 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस लागत पर शासन द्वारा अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को आधुनिक कृषि मशीनरी खरीदने और व्यवसाय शुरू करने में सहयोग देना है।
हालांकि, अनुदान प्राप्त करने के लिए चयनित हितग्राही को योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कृषि उपकरणों की खरीद करनी होगी। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी मशीनरी उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिसका उपयोग आसपास के किसान किराये पर कर सकेंगे। इससे किसानों का समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा खेती के कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
चयनित हितग्राहियों के लिए कस्टम हायरिंग इकाई में निर्धारित कृषि उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य होगी। इसके तहत 50 हार्स पावर से अधिक क्षमता वाला ट्रैक्टर खरीदना जरूरी होगा। इसके अलावा मल्चर, श्रेडर, रेटुन मैनेजर या स्ट्रारीपर जैसे फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े उपकरणों में से आवश्यक मशीनरी शामिल करनी होगी।
मल्टीक्रॉप या शुगरकेन कटर प्लान्टर तथा रिवर्सिबल प्लाऊ या डिस्क हेरो जैसे उपकरण भी इकाई के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन मशीनों के माध्यम से किसान जुताई, बुवाई, फसल अवशेष प्रबंधन और अन्य कृषि कार्य अधिक तेजी से कर सकेंगे। योजना का उद्देश्य केवल मशीनें उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि किसानों को समय पर आधुनिक कृषि यंत्रों की किराये पर सुविधा देना भी है।
कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने के इच्छुक पात्र युवा आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 07 अगस्त 2026 से शुरू होकर 21 अगस्त 2026 तक चलेगी। आवेदन विभागीय पोर्टल www.chc.mpdage.org पर किया जा सकता है। आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन भरने के साथ आवश्यक दस्तावेज और 10,000 रुपये के डीडी से संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आवेदन करने से पहले सभी नियम एवं शर्तों को पढ़ना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि के कारण आवेदन निरस्त न हो। बड़वानी जिले के लिए 21 केंद्रों का लक्ष्य निर्धारित होने से पात्र ग्रामीण युवाओं के लिए यह स्वरोजगार का महत्वपूर्ण अवसर है। इच्छुक आवेदक अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
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