किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकारें अपने अपने स्तर से कल्याणकारी कदम उठाती आ रही हैं। इसी कड़ी में राज्य के गन्ना किसानों और छोटे गुड़ उत्पादकों के लिए बिहार सरकार ने बड़ी राहत देने वाले फैसले लिए हैं।
बिहार के गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को गन्ना यंत्रीकरण योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए और छोटे गुड़ उत्पादकों को गुड़ प्रोत्साहन योजना से जोड़ा जाए। सरकार का उद्देश्य गन्ना खेती और गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना है।
बैठक में गन्ना खेती के विस्तार को लेकर ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने, नई चीनी मिलों की स्थापना और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की रणनीति बनाई जाएगी। सरकार का मानना है, कि इन कदमों से राज्य में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गन्ने की बेहतर उपज और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण देना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में करीब तीन हजार गन्ना किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जहां वे प्रगतिशील किसानों से गन्ना और गुड़ के मूल्य संवर्धन की आधुनिक तकनीकें सीखेंगे।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बाद विभाग को सामूहिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी, ताकि अन्य राज्यों की उन्नत तकनीकों को बिहार में लागू किया जा सके।
किसानों को सब्सिडी, फसल बीमा और समय पर मुआवजा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है। राज्य में गन्ना महोत्सव आयोजित कर किसानों को नई किस्मों, आधुनिक यंत्रों और उन्नत खेती तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
वहीं, सकरी और रैयाम की बंद चीनी मिलों को सहकारिता मॉडल के तहत फिर से शुरू करने की तैयारी भी चल रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इन फैसलों से बिहार के गन्ना किसानों और गुड़ उत्पादकों में नई उम्मीद जगी है।