देश के किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और मजबूत बनाने की दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए सुधारों का प्रस्ताव रखा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के ऐलान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों को अब अधिक आसान और सुगम तरीके से कृषि ऋण मिल सकेगा। इन बदलावों का उद्देश्य है कि किसानों को समय पर बिना रुकावट लोन उपलब्ध हो, जिससे खेती की लागत कम हो और आर्थिक मजबूती बढ़े।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए तुरंत ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत किसान बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, फसल कटाई के बाद के खर्च और अन्य कृषि निवेश के लिए लोन ले सकते हैं। KCC की खासियत यह है कि किसानों को बार-बार बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती और जरूरत के समय वे आसानी से धन निकाल सकते हैं।
यह योजना केवल जमीन के मालिक किसानों तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत किसान, किराएदार किसान, मौखिक पट्टेदार, बटाईदार, स्वयं सहायता समूह (SHG) और संयुक्त देयता समूह (JLG) भी पात्र हैं। इससे उन किसानों को भी वित्तीय सहायता मिलती है जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, लेकिन वे कृषि कार्य में सक्रिय हैं।
संशोधित ब्याज अनुदान योजना के तहत KCC धारकों को 5 लाख रुपये तक का शॉर्ट-टर्म एग्रीकल्चर लोन दिया जाता है। इस पर 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर लागू होती है। यदि किसान समय पर भुगतान करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 3 प्रतिशत का ब्याज अनुदान मिलता है। इस प्रकार समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर और भी कम हो जाती है, जिससे उनकी आर्थिक बचत बढ़ती है।
RBI के प्रस्ताव के तहत KCC की वैधता अवधि बढ़ाकर 6 वर्ष करने की योजना है, जिससे बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता कम होगी। साथ ही, ड्राइंग लिमिट को हर फसल चक्र के अनुसार तय करने का प्रस्ताव है, ताकि किसान अपनी जरूरत के अनुसार धन निकाल सकें। इसके अलावा ड्रिप इरिगेशन, आधुनिक कृषि यंत्र और डिजिटल तकनीक पर होने वाले खर्च को भी KCC के दायरे में शामिल करने की तैयारी है।
KCC योजना से किसानों को खेती और फसल कटाई के बाद की गतिविधियों के लिए समय पर पूंजी मिलती है। इससे वे अपनी उपज को उचित समय पर बेच सकते हैं और बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी सहायक गतिविधियों में निवेश के अवसर भी बढ़ते हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम होती है और वे औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि RBI के प्रस्तावित सुधार लागू होते हैं, तो किसान क्रेडिट कार्ड योजना और अधिक प्रभावी बन जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा, आधुनिक तकनीकों को अपनाने का अवसर और आय बढ़ाने का बेहतर मार्ग मिलेगा। आने वाले समय में KCC योजना देश के किसानों के लिए एक सशक्त वित्तीय सहारा साबित हो सकती है।
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