भारत को ऐसे दूरदर्शी नेताओं का आशीर्वाद मिला है, जिनकी सोच ने देश की इंडस्ट्रीज़ को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। सोनालिका ट्रैक्टर्स इसी भावना का एक शक्तिशाली आधुनिक प्रतीक है। ‘जीतने का दम’ के विश्वास के साथ, यह ब्रांड किसानों के साथ भरोसे की साझेदारी के 30 साल पूरे कर रहा है। होशियारपुर (पंजाब) के एक छोटे से शहर से शुरू होकर, सोनालिका आज भारतीय उत्कृष्टता को वैश्विक मंच पर स्थापित कर चुकी है।
LIC से रिटायर होने के बाद, जब अधिकतर लोग आराम का जीवन चुनते हैं, तब श्री एल.डी. मित्तल ने एक नई शुरुआत की। अपने दो जोशीले बेटों डॉ. ए.एस. मित्तल और डॉ. दीपक मित्तल के साथ मिलकर उन्होंने एक ऐसी कंपनी बनाई, जो आज USD 1.1 बिलियन का ट्रैक्टर साम्राज्य बन चुकी है। यह कहानी साहस, दूरदर्शिता और भारतीय क्षमता पर अटूट विश्वास की मिसाल है।
आज सोनालिका भारत का नंबर 1 ट्रैक्टर एक्सपोर्ट ब्रांड है, भारत में तीसरा सबसे बड़ा ट्रैक्टर निर्माता है और दुनिया में 5वां सबसे बड़ा ट्रैक्टर ब्रांड बन चुका है। इसे भारत की सबसे बड़ी कंपनियों की फॉर्च्यून 500 इंडिया सूची में भी स्थान मिला है। यह उपलब्धि सोनालिका की इंजीनियरिंग क्षमता और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
सोनालिका का मूल मंत्र था – भारतीय किसानों को ‘जीतने का दम’ देना। अधिक शक्ति, अधिक विश्वसनीयता, अधिक सम्मान और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक। 1996 में, जब अधिकतर कंपनियाँ एक जैसे ट्रैक्टर बना रही थीं, सोनालिका ने किसानों की ज़रूरतों के अनुसार अलग-अलग फसलों, मिट्टी और क्षेत्रों के लिए कस्टमाइज़्ड ट्रैक्टर बनाने का रास्ता चुना।
2011 से, वाइस चेयरमैन डॉ. ए.एस. मित्तल के नेतृत्व में सोनालिका ने इंजन, ट्रांसमिशन, गियरबॉक्स और अन्य मुख्य पार्ट्स को खुद बनाना शुरू किया। इस वर्टिकल इंटीग्रेशन से कंपनी ने हाई हॉर्सपावर ट्रैक्टर को आम बनाया और एंट्री-लेवल मॉडल्स में भी पावर स्टीयरिंग, ऑयल-इमर्स्ड ब्रेक और मल्टी-स्पीड ट्रांसमिशन जैसे एडवांस फीचर्स दिए।
सोनालिका आज धान की खेती के लिए महाबली, महाराष्ट्र के लिए छत्रपति और राजस्थान के लिए महाराजा जैसे क्षेत्र-विशिष्ट ट्रैक्टर बनाती है। साथ ही, 70 से अधिक कृषि उपकरणों की पूरी रेंज किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर रही है। 30 वर्षों की यह यात्रा साबित करती है कि सोनालिका केवल ट्रैक्टर नहीं बनाती, बल्कि भारतीय किसान को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का सपना साकार करती है।