फरवरी का महीना किसानों के लिए कम खर्च में अधिक मुनाफा कमाने का बेहतरीन अवसर लेकर आता है। सही सब्जी का चुनाव, सही समय पर बुवाई और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके अप्रैल तक खीरा, टमाटर, भिंडी जैसी फसलों से अच्छी-खासी कमाई की जा सकती है। ट्रैक्टरचॉइस का सदैव प्रयास होता है कि किसानों को लाभकारी जानकारी प्रदान की जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। आज के दौर में खेती का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब किसान केवल गेहूं, धान या मटर जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं रह गए हैं। स्मार्ट किसान अब सब्जियों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि इसमें जोखिम कम होता है और कुछ ही महीनों में अच्छा रिटर्न मिलने लगता है।
सब्जी उत्पादन में सबसे अहम बात है मौसम और समय के अनुसार सही फसल का चयन। अगर किसान सीजन के मुताबिक बुवाई करते हैं, तो उनकी फसल उस समय बाजार में पहुंचती है जब मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होती है। ऐसे में दाम अच्छे मिलते हैं और मुनाफा बढ़ जाता है। फरवरी का महीना इसी कारण बेहद खास माना जाता है। ठंड के जाते ही और हल्की गर्मी शुरू होते ही कई सब्जियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। यह समय उनके लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं होता। तो चलिए जानते हैं उन 8 खास सब्जियों के बारे में, जिनकी खेती करके आप अप्रैल तक शानदार कमाई कर सकते हैं।
हर एक किसान के लिए फरवरी में खीरा की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा फैसला माना जाता है। असल में अप्रैल में जब सूरज अपनी तपन दिखाएगा, तब ही मार्केट में इनकी मांग काफी हाई हो गई।
मुनाफा: ये फसल 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती हैं। गर्मियों में सलाद के रूप में इनकी भारी डिमांड के कारण आपको रेट भी बहुत शानदार मिलते हैं। इससे आप 80 हजार से 1 लाख रुपए तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
गर्मी के मौसम में करेला लगभग हर घर की रसोई का हिस्सा होता है। फरवरी के लास्ट तक इसकी बुवाई कर देने से फसल अप्रैल के आसपास तक तैयार होती है।
ट्रिक: अगर आप मचान (पंडाल) विधि से करेले की खेती करते हैं, तो फल की क्वालिटी अच्छी होती है और बाजार में ज्यादा दाम मिलते हैं। लगभग ₹30,000-₹60,000 प्रति एकड़ करेला मुनाफा दे सकता है।
लौकी एक बेल वाली फसल होती है, जिसको उगाने में किसान को बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ती है। लौकी को फरवरी की धूप बहुत ज्यादा पसंद होती है।
फायदा: ये फसल लंबे टाइम तक चलती हैं। एक बार फल आना शुरू हुआ तो आप हफ्तों तक इनकी तुड़ाई कर सकते हैं। अप्रैल के महीने में जब हरी सब्जियों की कमी होती है, तब लौकी मार्के में हीरो बनकर बिकती है और लाखों का फायदा किसान करवाती है।
वैसे भिंडी एक ऐसी सब्जी होती है जो लगभग पूरे भारत में पसंद की जाती है. फरवरी में लगाई गई भिंडी अप्रैल की शुरुआत में फल देने लगती है।
खास बात: भिंडी की बुवाई अगर आप अच्छी वैरायटी (जैसे हाइब्रिड बीज) से करते हैं, तो उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है। भिंडी की फसल एक एकड़ में उगाकर किसान 1 से 2 लाख का मुनाफा कमा सकता है।
फरवरी के महीने में बैंगन की रोपाई करना भी बहुत फायदेमंद रहता है. बैंगन की फसल आपको लंबे समय तक कमाई करवाती है।बाजार की मांग के हिसाब से आप गोल या लंबे, और हरे या बैंगनी बैंगन का चुनाव कर सकते हैं। बैंगन से ₹1 लाख से ₹4 लाख या अधिक प्रति एकड़ संभव है।
अगर आप बहुत जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं, तो फिर पालक से बेस्ट कुछ नहीं हो सकता है। यह केवल 30 दिनों में काटने लायक हो जाती है। फरवरी में बोई गई पालक मार्च के आखिर तक बाजार में पहुंच जाती है। इससे प्रति एकड़ ₹60,000 से ₹1.5 लाख या उससे ज्यादा तक का मुनाफा हो सकता है।
टमाटर की मांग पूरे साल मार्केट में रहती है। तो फरवरी में उसकी बुवाई करके 60 दिनों में यानी अप्रैल के महीने तक ये फसल तैयार होकर मार्केट में पहुंच जाती है। फरवरी के महीने में टमाटर उगाने वाले किसानों को अप्रैल में ज्यादा मुनाफा मिल सकता है.टमाटर से एक एकड़ से ₹4-5 लाख या उससे अधिक की कमाई हो सकती है
बीन्स की फसल को भी किसान फरवरी के महीने में आसानी से उगा सकते हैं.इसको फसल को बहुत पानी की जरूरत नहीं है और 40 से 50 दिनों में आसानी से तैयार हो जाती है। बांस या डोरी का सहारा देकर इसका उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। बीन्स को उगाकर ₹70-80 हजार या उससे भी ज्यादा का मुनाफा कमाया जा सकता है।
सब्जियों को हमेशा कतारों में बोना अच्छा माना जाता है। इससे दो फायदे होते हैं, पहला, पौधों को सही धूप और हवा मिलती है। दूसरा, खरपतवार निकालने और दवा छिड़कने में आसानी होती है।
सब्जियों के पौधों की ग्रोथ के लिए केवल यूरिया काफी नहीं होती है। इसके लिए मिट्टी की जांच करवाएं और जरूरत के हिसाब से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलन बनाए रखें। जैविक खाद (गोबर की खाद) का यूज अच्छे से करें ताकि मिट्टी की नमी बनी रहे।
फरवरी के बाद धूप तेज होने लगती है, इसलिए सिंचाई का खास ध्यान रखें. हल्की लेकिन बार-बार सिंचाई पौधों को झुलसने से बचाती है। साथ ही, खरपतवार (weed) पौधों का पोषण चुरा लेते हैं, इसलिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई करते रहें।
असल में फरवरी का तापमान (20 से 30 डिग्री) पौधों के अंकुरण (Germination) के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस टाइम में बोई गई फसलें मार्च के लास्ट या अप्रैल के पहले हफ्ते में बाजार पहुंचती हैं। असल में यह वो टाइम होता है जब शादियों का सीजन शुरू होता है और गर्मियों की वजह से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे होते हैं। तो ऐसे में अगर आपकी फसल तैयार है, तो आप अपनी लागत से 4 से 5 गुना ज्यादा मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं।
किसानी अब केवल पसीना बहाने का काम नहीं, बल्कि दिमाग लगाने का बिजनेस बन गई है। गेहूं-मटर जैसी परंपरागत खेती से हटकर अगर आप इन 8 सब्जियों पर दांव लगा लगाते हैं, तो फिर अप्रैल का महीना आपकी जेब खुशियों से भर देगा। सिर्फ आवश्यकता है, सही बीज चुनने की और थोड़ी सी ज्यादा देखभाल की तो याद रखिए, मेहनत का फल तभी मीठा होता है जब वो सही समय पर चखा जाए।
प्रश्न: फरवरी में सब्जियों की खेती क्यों फायदेमंद मानी जाती है ?
उत्तर: इस समय मौसम अंकुरण के लिए अनुकूल होता है और फसल अप्रैल में बाजार पहुंचती है, जब मांग ज्यादा और सप्लाई कम होती है।
प्रश्न: फरवरी में कौन-सी सब्जियां सबसे ज्यादा मुनाफा देती हैं ?
उत्तर: खीरा, टमाटर, भिंडी, लौकी, बैंगन, करेला, पालक और बीन्स सबसे ज्यादा लाभ देने वाली सब्जियां हैं।
प्रश्न: क्या सब्जियों की खेती में जोखिम ज्यादा होता है ?
उत्तर: नहीं, सही बीज, समय पर सिंचाई और देखभाल से जोखिम कम और रिटर्न तेज मिलता है।
प्रश्न: एक एकड़ में सब्जियों से कितनी कमाई हो सकती है ?
उत्तर: सब्जी के अनुसार ₹60,000 से लेकर ₹4-5 लाख या उससे ज्यादा तक कमाई संभव है ?
प्रश्न: सब्जियों की खेती में सबसे जरूरी बात क्या है ?
उत्तर: सीजन के हिसाब से बुवाई, अच्छी वैरायटी के बीज और समय पर सिंचाई-खरपतवार नियंत्रण सबसे जरूरी है।