पीएम किसान की 22वीं किस्त के लिए फार्मर आईडी का होना अनिवार्य

By: tractorchoice Published on: 13-Jan-2026

पीएम किसान का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी का होना जरूरी

साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर के किसानों, खासकर बिहार के किसान बहन-भाइयों को पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। इस योजना के तहत पात्र किसानों के खाते में 2000 रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। 

लेकिन इस बार किस्त पाने के लिए एक जरूरी शर्त जोड़ दी गई है, और वह है फार्मर आईडी का होना। अगर किसी किसान ने समय रहते अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाई, तो उसके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का पैसा नहीं आएगा। 

बिहार में उम्मीद है कि फरवरी माह में 22वीं किस्त जारी की जाएगी, लेकिन उससे पहले सभी किसानों को अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। सरकार का साफ निर्देश है कि फार्मर आईडी के बिना न केवल पीएम किसान योजना, बल्कि राज्य सरकार की अन्य कृषि योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। 

इसलिए किसानों के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है कि वे इस काम को प्राथमिकता पर पूरा करें और किसी भी तरह की लापरवाही न करें।

बिहार में फार्मर आईडी बनवाने के लिए खास कैंप की शुरुआत

बिहार सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फार्मर आईडी बनवाने के लिए विशेष कैंप लगाने का फैसला किया है। ये कैंप 6 जनवरी से 9 जनवरी तक आयोजित किए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान आसानी से अपनी आईडी बनवा सकें। इन कैंपों में जाकर किसान सीधे आवेदन कर सकते हैं और वहीं पर उनका फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाएगा। 

सरकार और कृषि विभाग की कोशिश है कि पंचायत स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध हो जाए, जिससे किसानों को दूर-दराज के दफ्तरों में जाने की परेशानी न हो। किसान अपने नजदीकी किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक या हल्का कर्मचारी से संपर्क करके कैंप की सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इन तिथियों का पूरा लाभ उठाएं और समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें, ताकि फरवरी में आने वाली 22वीं किस्त में किसी भी तरह की बाधा न आए।

फार्मर आईडी से किसान को मिलेगा कई योजनाओं का लाभ

फार्मर आईडी केवल पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए एक स्थायी पहचान पत्र के रूप में काम करेगी। इसके जरिए किसान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सब्सिडी आधारित योजनाएं और अन्य कृषि कल्याण कार्यक्रमों का लाभ आसानी से ले सकेंगे। 

बिना फार्मर आईडी के किसान सरकारी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं। यही वजह है कि सरकार इसे एक अनिवार्य दस्तावेज के रूप में लागू कर रही है। साथ ही हर पंचायत में विशेष अभियान के तहत कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से बाहर न रह जाए। 

फार्मर आईडी से सरकार को भी किसानों का सही और सटीक डाटा मिलेगा, जिससे योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।

फार्मर आईडी बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ ले जाने होंगे। इनमें आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, जमीन से संबंधित दस्तावेज और ऑनलाइन जमाबंदी का प्रमाणपत्र शामिल है, जो किसान के नाम पर पंजीकृत होना चाहिए। 

इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फार्मर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। बिहार एग्रीस्टैक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अभी तक केवल 6.81% किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है। bhfr.agristack.gov.in की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक लगभग 4 लाख 14 हजार किसानों ने ही अपनी फार्मर आईडी बनवाई है। यह आंकड़ा बेहद कम है, जबकि बिहार में किसानों की संख्या करोड़ों में है। 

अगर बाकी किसान समय रहते रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं, तो उन्हें न केवल पीएम किसान की 22वीं किस्त, बल्कि राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो सकती है।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध

जो किसान कैंप में नहीं जा सकते, उनके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। इसके लिए उन्हें अपने नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) में जाकर फार्मर आईडी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। CSC लॉगिन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। 

इसके अलावा, अगर किसी किसान को यह पता करना हो कि उसकी फार्मर आईडी बनी है या नहीं, तो वह Bihar Agristack की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकता है। इसके लिए केवल आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा और पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। 

यह सुविधा किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि अब उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कुल मिलाकर, फार्मर आईडी बनवाना अब हर किसान के लिए अनिवार्य और बेहद जरूरी हो गया है, ताकि वे समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें।

Similar Posts