बकरी पालन पर सरकार से मिल रहा 60% प्रतिशत तक अनुदान

By: tractorchoice Published on: 20-Jan-2026
60 percent subsidy for goat farming

बकरी पालन के बारे में

बकरी पालन (Goat Farming) आज के समय में ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय कम समय में अच्छा मुनाफा देने की क्षमता रखता है। बकरी के दूध और खाद दोनों की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है, जिससे यह एक स्थायी और सुरक्षित आय का स्रोत बन जाता है। बहुत से किसान और युवा बकरी पालन को अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। बकरी पालन से किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। इन्हीं सभी फायदों को देखते हुए राज्य सरकार ने बकरी एवं भेड़ पालन को प्रोत्साहन देने के लिए एक विशेष योजना शुरू की है, जिसके तहत फार्म खोलने पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। आइए जानते हैं इस योजना के उद्देश्य और लाभ के बारे में।

समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना का उद्देश्य

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा “समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना” चलाई जा रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्रों में बकरी व भेड़ पालन फार्म की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जो किसान या युवा स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना एक सुनहरा अवसर है। सरकार ने इस योजना के लिए इस वर्ष कुल 1293.44 लाख रुपये का प्रावधान किया है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, पशुपालन क्षेत्र को विकसित करना और बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को सब्सिडी के साथ-साथ प्रशिक्षण की सुविधा भी दी जाती है, जिससे वे वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन कर सकें।

बकरी पालन फार्म पर मिलने वाली सब्सिडी का प्रावधान

इस योजना के तहत बकरी एवं भेड़ पालन फार्म खोलने के लिए 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। राज्य सरकार द्वारा तीन प्रकार के प्रोजेक्ट मॉडल तय किए गए हैं—20 बकरी व 1 बकरा, 40 बकरी व 2 बकरा और 100 बकरी व 5 बकरा। इन सभी मॉडल में लाभार्थियों को बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे आसानी से अपना फार्म शुरू कर सकें। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

20 बकरी और 1 बकरा फार्म पर मिलने वाला अनुदान

यदि कोई व्यक्ति छोटे स्तर पर बकरी पालन शुरू करना चाहता है, तो 20 बकरी और 1 बकरा का फार्म उसके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है। इस मॉडल की इकाई लागत विभाग द्वारा 2.42 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इस पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 1.21 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत या अधिकतम 1.45 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह मॉडल उन किसानों और युवाओं के लिए आदर्श है, जो सीमित संसाधनों में स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

40 बकरी और 2 बकरा फार्म पर मिलने वाला अनुदान

मध्यम स्तर के व्यवसाय के लिए 40 बकरी और 2 बकरा का फार्म एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इस फार्म की अनुमानित लागत 5.32 लाख रुपये तय की गई है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इसमें लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 2.66 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं SC और ST वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत या अधिकतम 3.19 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इस मॉडल से अच्छी आय की संभावना होती है और कम समय में निवेश की भरपाई संभव हो जाती है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं।

100 बकरी और 5 बकरा फार्म तथा भूमि की आवश्यकता

बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए 100 बकरी और 5 बकरा का फार्म मॉडल उपलब्ध है। इसकी अनुमानित लागत 13.04 लाख रुपये तय की गई है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इसमें 50 प्रतिशत या अधिकतम 6.52 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा, जबकि SC और ST वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत या अधिकतम 7.82 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। भूमि की बात करें तो 20 बकरी और 1 बकरा के लिए चारा भूमि की अनिवार्यता नहीं है, लेकिन 40 बकरी और 2 बकरा के लिए 50 डिसमिल तथा 100 बकरी और 5 बकरा के लिए 100 डिसमिल भूमि होना जरूरी है। यह भूमि लीज पर भी ली जा सकती है, जिसके लिए 1000 रुपये के नॉन-ज्यूडीशियल स्टांप पर सात वर्षों की लीज अनिवार्य है।

आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज और चयन का तरीका

यह योजना बिहार सरकार द्वारा संचालित की जा रही है, इसलिए केवल बिहार राज्य के निवासी ही इसमें आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी, जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए), पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाता विवरण, भूमि या लीज से संबंधित दस्तावेज और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। इच्छुक लाभार्थी state.bihar.gov.in/abh वेबसाइट पर जाकर आधार या वोटर आईडी से पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। एक व्यक्ति केवल एक ही आवेदन कर सकता है और सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति का आवेदन मान्य नहीं होगा। लाभार्थियों का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा, जिसमें स्व-लागत से फार्म खोलने और प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पशुपालन अधिकारी के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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