पीएम कुसुम योजना - किसानों को मिलेगी सोलर पंप पर भारी छूट

By: tractorchoice Published on: 12-Dec-2025
पीएम कुसुम योजना - किसानों को मिलेगी सोलर पंप पर भारी छूट Image

उत्तर प्रदेश सरकार ने सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए एक बड़ी राहत पेश की है। राज्य में नई सोलर पंप योजना की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत 40,521 सोलर पंप 60% सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे। 

इस व्यवस्था में किसानों को केवल मामूली राशि खर्च करनी होगी जबकि अधिकतर लागत सरकार वहन करेगी। यह पूरी योजना केंद्र की PM-KUSUM स्कीम के तहत संचालित है, और इच्छुक किसान 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

योजना का लाभ किस आधार पर मिलेगा ?

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर तय की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और हर किसान को समान अवसर मिल सके। 

आवेदन करते समय किसानों को 5,000 रुपये की टोकन मनी जमा करनी होगी, जिसकी बदौलत फर्जी और अपूर्ण आवेदन स्वतः ही अलग हो जाएंगे। प्रत्येक जिले के लिए पंपों का कोटा निर्धारित है, जिससे हर क्षेत्र के किसानों को समान लाभ प्राप्त हो सके।

योजना से किसानों को क्या फायदा होगा ?

यह योजना किसानों के लिए कई आर्थिक और तकनीकी लाभ लेकर आती है। सोलर पंप लगने के बाद किसानों को बिजली या डीजल खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी, जिससे सिंचाई की लागत लगभग शून्य हो जाएगी। 

फसल की सिंचाई समय पर हो सकेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और खेती पर निर्भरता मजबूत होगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पर्यावरण को भी लाभ पहुँचेगा।

आवेदन ऑनलाइन माध्यम से होगा ? 

सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाकर खेती को और टिकाऊ बनाया जाए। जल्द ही कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन लिंक सक्रिय किया जाएगा, जहाँ किसान आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर पंजीकरण पूरा कर सकेंगे। 

ध्यान रहे कि निर्धारित क्षमता वाले पंप के अनुसार 4, 6 और 8 इंच की बोरिंग किसान को स्वयं करवानी होगी। यदि निरीक्षण के समय बोरिंग नहीं मिली, तो टोकन मनी जब्त कर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।

योजना का लाभ लेने के लिए कैसे करें अप्‍लाई ? 

उत्तर प्रदेश के इच्‍छुक किसान www.agriculture.up.gov.in पर जाकर अप्‍लाई करें। पोर्टल पर सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन करें। पहचान और जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। 5,000 रुपये का टोकन शुल्क जमा करें। आवेदन मंजूरी होने के बाद विभाग की टीम खेत पर जाकर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। 

किसान इस बात का ध्‍यान रखें कि कृषि विभाग की तरफ से यह निर्देश दिए गए हैं, कि 2 एचपी के लिए 4 इंच, 3 व 5 एचपी के लिए छह इंच व 7.5 एचपी व 10 एचपी के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य है, जो किसान को खुद करानी होगी। वैरीफिकेशन के समय बोरिंग नहीं होने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।

ट्रैक्टरचॉइस पर आपको सभी प्रकार के ट्रैक्टरों, औजारों और अन्य कृषि उपकरणों से संबंधित सभी नवीनतम जानकारी मिलती है। ट्रैक्टरचॉइस ट्रैक्टर की कीमतों, ट्रैक्टर की तुलना, ट्रैक्टर से संबंधित फोटो, वीडियो, ब्लॉग और अपडेट के बारे में जानकारी के साथ-साथ सहायता भी प्रदान करता है। 

Similar Posts